42 गेंदों में फिफ्टी, फिर 92 रन की विस्फोटक पारी- वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में इतिहास रच दिया। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ 42 गेंदों में अर्धशतक लगाया और 15 साल 157 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के सबसे युवा फिफ्टीमेकर बन गए। वैभव ने 79 गेंदों पर 92 रन की तूफानी पारी खेली।
Vaibhav Suryavanshi Duleep Trophy: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए दलीप ट्रॉफी में इतिहास रच दिया है। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 42 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
वैभव ने 31 अगस्त को यह उपलब्धि हासिल की, तब उनकी उम्र 15 साल 157 दिन थी। उन्होंने करीब 57 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो इससे पहले लक्ष्मण सिंह के नाम था।
57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
वैभव सूर्यवंशी से पहले दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने वर्ष 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में फिफ्टी जड़ी थी।
अब वैभव ने उनसे कम उम्र में यह कारनामा करके नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस सूची में तीसरे नंबर पर भारतीय क्रिकेटर पीयूष चावला हैं, जिन्होंने 2005 में 16 साल 307 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।
42 गेंदों में फिफ्टी, 92 रन पर थमी पारी
सेंट्रल जोन के खिलाफ वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिफ्टी के बाद भी वैभव ने रन बनाने की रफ्तार कम नहीं की और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि, उनकी पारी के दौरान दो बार उन्हें जीवनदान भी मिला। विरोधी टीम ने उनके कैच के मौके गंवा दिए, जिसका फायदा वैभव ने पूरी तरह उठाया।
वैभव आखिरकार 79 गेंदों पर 92 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 116.46 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वह शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन 92 रन पर उनकी पारी समाप्त हो गई।
पहले मैच में सिर्फ 8 रन बना पाए थे
दलीप ट्रॉफी के इस सीजन के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कुछ खास नहीं कर पाए थे। ईस्ट जोन का सामना नॉर्थ ईस्ट जोन से हुआ था और वैभव सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उस मुकाबले में उन्होंने गेंद से जरूर प्रभावित किया था। वैभव ने दो विकेट हासिल किए थे। मैच की दूसरी पारी में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, क्योंकि ईस्ट जोन ने मुकाबला पारी के अंतर से जीत लिया था।
सेंट्रल जोन ने बनाए थे 266 रन
ईस्ट जोन के अगले मुकाबले में उसके सामने सेंट्रल जोन की टीम थी। सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। वैभव ने इस मौके का फायदा उठाते हुए तेज शुरुआत की और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मुकाबले में रोमांच पैदा कर दिया। उनकी 92 रन की पारी भले ही शतक में नहीं बदल सकी, लेकिन इस पारी ने उन्हें दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र के अर्धशतकवीर के तौर पर जरूर दर्ज करा दिया।
वैभव के नाम लगातार बन रहे रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी कम उम्र में बड़े रिकॉर्ड बनाने के लिए लगातार सुर्खियों में रहे हैं। इससे पहले भी वह अपनी उम्र से कहीं आगे जाकर प्रदर्शन करने के कारण चर्चा में रह चुके हैं। अब दलीप ट्रॉफी में 15 साल की उम्र में अर्धशतक लगाकर उन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर दी है। शतक से भले ही वह आठ रन दूर रह गए, लेकिन 92 रन की इस विस्फोटक पारी ने एक बार फिर बता दिया कि वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का खास युवा टैलेंट क्यों माना जा रहा है।
