Harmanpreet Kaur ने छोड़ी टीम इंडिया की कप्तानी, भावुक पोस्ट में लिखा- अब अगले पन्ने का समय
Harmanpreet Kaur Captaincy: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने इसकी जानकारी दी। हरमनप्रीत अब कप्तान की भूमिका में नजर नहीं आएंगी, लेकिन खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम के लिए खेलती रहेंगी। उनका यह फैसला BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद सामने आया है।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने हाल के वर्षों में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इसी साल एशियन गेम्स में भी उनकी अगुवाई में भारत ने महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। इससे पहले 2025 में उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता था।
10 साल से ज्यादा लंबी कप्तानी का सफर
हरमनप्रीत कौर ने 2016 में भारतीय महिला टीम की टी20 इंटरनेशनल कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद उन्हें वनडे टीम की कमान भी सौंप दी गई। 2023 में वह सभी फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बन गई थीं। अब करीब 37 साल की उम्र में उन्होंने इस जिम्मेदारी से हटने का फैसला किया है।
हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई अहम मुकाबले खेले और टीम को एक नई पहचान दिलाने में उनकी भूमिका रही। हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान टीम को कुछ बड़े टूर्नामेंट में निराशा भी झेलनी पड़ी।
भावुक पोस्ट में हरमनप्रीत ने बताई दिल की बात
कप्तानी छोड़ने का ऐलान करते हुए हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था। इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे कई पल जुड़े हैं, जो हमेशा उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने लिखा कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और इस टीम को अपना सब कुछ दिया। इसके लिए उन्होंने अपना समय, मेहनत और कई बार व्यक्तिगत खेल और महत्वाकांक्षाओं तक का त्याग किया। उनके मुताबिक, ऐसे मौके भी आए जब उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और विकास को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा सबसे पहले रही।
कप्तान के तौर पर लेने पड़े कई मुश्किल फैसले
हरमनप्रीत ने अपने पोस्ट में कप्तानी के दौरान लिए गए फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े। कई फैसले ऐसे थे जिन्हें हर कोई समझ नहीं पाया और कुछ फैसलों की व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि इन सभी फैसलों के पीछे एक ही उद्देश्य था- टीम को बेहतर बनाना और साथी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर भरोसा करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका देना।
हरमनप्रीत ने अपने सफर के मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दिल टूटने, आलोचना, सवालों और ऐसे दौर का भी सामना किया जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं जा रही थीं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टीम की बड़ी सफलताओं को भी करीब से देखा और उसका हिस्सा बनीं।
'अब अगले पन्ने का समय है'
कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावुक जरूर हैं, लेकिन उन्हें अपने फैसले को लेकर पूरी शांति है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम इस समय मजबूत स्थिति में है और उसके पास प्रतिभा तथा आत्मविश्वास की कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब वह टीम के भविष्य को देखने और उसका हिस्सा बने रहने को लेकर उत्साहित हैं। उनके मुताबिक, उनके लिए अब जिंदगी के अगले पन्ने को पलटने का समय है।
हरमनप्रीत ने साफ किया कि कप्तानी का सफर भले ही खत्म हो रहा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी कम नहीं होगा।
अब स्मृति मंधाना के नाम की चर्चा
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारतीय महिला टीम की अगली कप्तान कौन होगी। टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना को इस जिम्मेदारी के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। मंधाना पहले भी कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं और जुलाई में उन्होंने खुद कहा था कि वह टीम के लिए बड़ी नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, सभी फॉर्मेट के नए कप्तान को लेकर BCCI की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। पूर्व कप्तान मिताली राज और पूर्व भारतीय खिलाड़ी डायना एडुल्जी समेत कई दिग्गज पहले ही स्मृति मंधाना को नेतृत्व की जिम्मेदारी देने की बात कह चुके हैं।
हरमनप्रीत ने सभी का जताया आभार
अपने संदेश के आखिर में हरमनप्रीत ने टीम की साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ये सभी लोग भारतीय क्रिकेट के अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में उनके साथ खड़े रहे। कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत का भारतीय क्रिकेट के साथ सफर जारी रहेगा। अब वह बतौर खिलाड़ी टीम में योगदान देती नजर आएंगी।
