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वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन में ICC का बड़ा बदलाव, स्कॉटलैंड-नीदरलैंड ने क्यों जताई नाराजगी

ICC के वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन सिस्टम में अचानक किए गए बदलाव से Scotland और Netherlands नाराज हैं। दोनों बोर्ड ने नए फॉर्मेट को Associate Cricket के लिए बड़ा झटका बताया है। उनका कहना है कि बदलाव वैश्विक क्रिकेट के विस्तार और उभरते देशों को मिले अवसरों को कमजोर कर सकते हैं।
 
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ICC World Cup Qualification: पुरुष वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट फॉर्मेट में ICC के अचानक किए गए बदलावों को लेकर एसोसिएट देशों में नाराजगी बढ़ गई है। स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने ICC के फैसले पर कड़ी निराशा जताते हुए इसे एसोसिएट क्रिकेट के लिए बड़ा झटका बताया है।

दोनों क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि इस तरह के बदलाव वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के विस्तार और एसोसिएट देशों को आगे बढ़ाने के लिए पिछले कई वर्षों से किए जा रहे प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।

विश्व कप फॉर्मेट में ICC ने किया बदलाव

अगले साल होने वाले पुरुष वनडे विश्व कप के लिए पहले 14 टीमों को सात-सात के दो ग्रुप में बांटने की योजना थी। इसके बाद टूर्नामेंट में सुपर सिक्स चरण खेला जाना था। हालांकि, ICC ने पिछले महीने एडिनबर्ग में हुई बैठक के दौरान प्रतियोगिता के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया। नए ढांचे में सुपर सीरीज और सुपर 7 चरण को शामिल किया गया है।

टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में फॉर्मेट और क्वालिफिकेशन प्रणाली में अचानक बदलाव को लेकर एसोसिएट सदस्य देशों ने चिंता जताई है।

Scotland और Netherlands ने जारी किया संयुक्त बयान

स्कॉटलैंड और KNCB ने संयुक्त बयान में ICC के फैसले पर निराशा जाहिर की। दोनों बोर्ड ने कहा कि क्वालिफिकेशन चरण और टूर्नामेंट प्रारूप में इस स्तर का बदलाव एसोसिएट क्रिकेट के लिए झटका है।

बोर्डों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में एसोसिएट देशों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी स्थिति मजबूत करने और खेल के विकास के लिए लगातार काम किया है। ऐसे फैसले उस प्रगति को कमजोर कर सकते हैं।

‘उभरते देशों के लिए मौके कम करना गलत संदेश’

दोनों बोर्ड ने कहा कि क्रिकेट इस समय अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे समय में उभरते क्रिकेट देशों के लिए सार्थक अवसरों को कम करना सही संदेश नहीं देता।

स्कॉटलैंड और नीदरलैंड का मानना है कि एसोसिएट देशों को बड़े टूर्नामेंटों में प्रतिस्पर्धा करने के अधिक अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे अपने खिलाड़ियों, घरेलू ढांचे और क्रिकेट संस्कृति को विकसित कर सकें।

ICC के फैसले से एसोसिएट क्रिकेट के भविष्य पर चिंता

दोनों बोर्ड ने चेतावनी दी है कि क्वालिफिकेशन और टूर्नामेंट ढांचे में अचानक बदलाव से एसोसिएट सदस्यों की लंबे समय से चल रही विकास यात्रा प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर एसोसिएट टीमों की भागीदारी न केवल इन देशों के क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक स्तर पर खेल के विस्तार के लिए भी जरूरी है। अब नजर इस बात पर है कि ICC एसोसिएट देशों की चिंताओं पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है और नए विश्व कप प्रारूप को लेकर आगे कोई बदलाव करता है या नहीं।