टेस्ट क्रिकेट में ICC का नया नियम :डे टेस्ट में फ्लडलाइट और पिंक बॉल से होगा मैच, गौतम गंभीर ने किया सपोर्ट टेस्ट
Jun 5, 2026, 20:32 IST
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क्रिकेट को और अधिक रोमांचक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक महत्वपूर्ण नियम को मंजूरी दी है। नए नियम के तहत यदि डे टेस्ट मैच के दौरान खराब रोशनी के कारण खेल बाधित होने की स्थिति बनती है, तो दोनों टीमों की सहमति से फ्लडलाइट्स चालू कर पिंक गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस नियम का उद्देश्य खराब रोशनी के कारण ओवरों के नुकसान को रोकना और मैच में नतीजे की संभावना बढ़ाना है।
ICC के इस फैसले का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने खुलकर समर्थन किया है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा कि यह नियम टेस्ट क्रिकेट के हित में है और इससे मैचों के नतीजे निकलने की संभावना बढ़ेगी।
ICC बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार मैच की शुरुआत हमेशा लाल गेंद से होगी। हालांकि यदि मैच के दौरान रोशनी कम हो जाती है और खिलाड़ियों को गेंद देखने में परेशानी होती है, तो मैदान की फ्लडलाइट्स चालू की जा सकती हैं। चूंकि फ्लडलाइट्स में लाल गेंद स्पष्ट दिखाई नहीं देती, इसलिए उस समय पिंक गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि खेल बिना बाधा जारी रह सके।
यह नया नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा और इसका उपयोग तभी किया जाएगा जब दोनों टीमें पहले से इसकी सहमति देंगी।
गौतम गंभीर ने कहा, "मुझे यह नियम पसंद है क्योंकि मेरा हमेशा मानना रहा है कि यदि मैच का नतीजा निकलने की संभावना है तो उसे हर हाल में मौका मिलना चाहिए। कल्पना कीजिए कि आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं और जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंच सकते हैं, लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रुक जाता है। ऐसे में यह नियम बेहद उपयोगी साबित होगा।"
हालांकि गंभीर ने यह भी स्वीकार किया कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से पिंक गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा, लेकिन यदि इससे मैच का परिणाम निकलता है तो यह खेल के लिए सकारात्मक कदम है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC का यह प्रयोग टेस्ट क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा तथा खराब रोशनी के कारण बार-बार खेल रुकने की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
ICC के इस फैसले का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने खुलकर समर्थन किया है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा कि यह नियम टेस्ट क्रिकेट के हित में है और इससे मैचों के नतीजे निकलने की संभावना बढ़ेगी।
ICC बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार मैच की शुरुआत हमेशा लाल गेंद से होगी। हालांकि यदि मैच के दौरान रोशनी कम हो जाती है और खिलाड़ियों को गेंद देखने में परेशानी होती है, तो मैदान की फ्लडलाइट्स चालू की जा सकती हैं। चूंकि फ्लडलाइट्स में लाल गेंद स्पष्ट दिखाई नहीं देती, इसलिए उस समय पिंक गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि खेल बिना बाधा जारी रह सके।
यह नया नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा और इसका उपयोग तभी किया जाएगा जब दोनों टीमें पहले से इसकी सहमति देंगी।
गौतम गंभीर ने कहा, "मुझे यह नियम पसंद है क्योंकि मेरा हमेशा मानना रहा है कि यदि मैच का नतीजा निकलने की संभावना है तो उसे हर हाल में मौका मिलना चाहिए। कल्पना कीजिए कि आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं और जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंच सकते हैं, लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रुक जाता है। ऐसे में यह नियम बेहद उपयोगी साबित होगा।"
हालांकि गंभीर ने यह भी स्वीकार किया कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से पिंक गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा, लेकिन यदि इससे मैच का परिणाम निकलता है तो यह खेल के लिए सकारात्मक कदम है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC का यह प्रयोग टेस्ट क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा तथा खराब रोशनी के कारण बार-बार खेल रुकने की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
