Hockey World Cup: 32 साल बाद भी नहीं टूटा जीत का इंतजार, इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हराया,अब पाकिस्तान से भिड़ंत
Hockey World Cup: विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ जीत का भारतीय पुरुष हॉकी टीम का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम ने मुकाबले में 2-1 की बढ़त बनाई थी, लेकिन दूसरे हाफ में डिफेंस की कमजोरियों का फायदा उठाकर इंग्लैंड ने वापसी की और भारत को 4-2 से हरा दिया। भारत की इंग्लैंड पर आखिरी जीत 1994 में आई थी।
इस हार के बाद भारत के दो मैचों में तीन अंक हैं और वह ग्रुप डी में दूसरे स्थान पर है। अब टीम का अगला मुकाबला 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।
पहले हाफ में भारत ने बनाई 2-1 की बढ़त
भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। सातवें मिनट में जर्मनप्रीत ने गोल का मौका बनाया, लेकिन टीम उसे भुना नहीं सकी। इसके बाद 14वें मिनट में निकोलस बंदुरक ने गोल कर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।
भारत ने दूसरे क्वार्टर में दबाव बढ़ाया। 17वें मिनट में मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर को कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद 25वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार मैदानी गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। पहले हाफ के अंत तक भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बनाए रखी।
दूसरे हाफ में पलटा मैच
दूसरे हाफ में भारत की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई और डिफेंस पर इंग्लैंड ने लगातार दबाव बनाया। 39वें मिनट में स्टूअर्ट ने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके चार मिनट बाद 43वें मिनट में हैनरी ने इंग्लैंड के लिए तीसरा गोल दाग दिया। भारत बराबरी की कोशिश में जुटा रहा, लेकिन 55वें मिनट में निकोलस ने अपना दूसरा गोल करते हुए इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी। इसके बाद भारत वापसी नहीं कर सका और उसे टूर्नामेंट में दूसरी जीत से वंचित होना पड़ा।
7 में से सिर्फ एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला
भारत की हार में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में नाकामी भी अहम रही। टीम को मुकाबले में सात पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन इनमें से सिर्फ एक को गोल में बदला जा सका। इसके उलट इंग्लैंड ने पिछड़ने के बाद अपने अनुभव का फायदा उठाया। उसके चार में से तीन गोल मैदानी गोल रहे।
दिलप्रीत ने विश्व कप में दागा पहला मैदानी गोल
भारत ने अपने पिछले मुकाबले में वेल्स के खिलाफ तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर से किए थे। ऐसे में टीम के मैदानी गोल नहीं कर पाने को लेकर सवाल उठे थे। इंग्लैंड के खिलाफ दिलप्रीत सिंह ने 25वें मिनट में मैदानी गोल कर इस कमी को दूर किया। यह विश्व कप में भारत का पहला फील्ड गोल था और दिलप्रीत का भी टूर्नामेंट में पहला गोल रहा। हालांकि, यह गोल टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
पाकिस्तान के खिलाफ अब करो या मरो का मुकाबला
इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला बेहद अहम हो गया है। पाकिस्तान ने सोमवार को वेल्स के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ खेला। इससे उसके दो मैचों में सिर्फ एक अंक है।
पाकिस्तान अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड से 1-4 से हार चुका है। ऐसे में भारत के खिलाफ 19 अगस्त को होने वाले मुकाबले में उसे हर हाल में जीत की तलाश होगी। पाकिस्तान अगर भारत को नहीं हरा पाता है तो उसके टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा रहेगा।
वहीं, भारत को अगले चरण में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कम से कम ड्रॉ की जरूरत होगी। ऐसे में भारत-पाकिस्तान मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
कोच क्रेग फुल्टन ने डिफेंस पर जताई चिंता
भारतीय मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद टीम के प्रदर्शन का आकलन करते हुए माना कि तीसरे क्वार्टर में डिफेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने विश्व नंबर-3 टीम की तरह प्रदर्शन किया।
फुल्टन के मुताबिक भारत ने मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहा। अगले मुकाबले में टीम को गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखने और अधिक संयम के साथ खेलने की जरूरत होगी।
