गांव के कच्चे मैदान से चीन तक का सफर, काशी की बेटी मधु पटेल ने एशिया जूनियर कप में जीता गोल्ड
वाराणसी के धनेसरी गांव की रहने वाली मधु पटेल ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में नई पहचान बनाई है। चीन में 5 से 13 सितंबर तक आयोजित एशिया जूनियर कप हॉकी प्रतियोगिता में मधु ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर काशी का गौरव बढ़ाया। कभी गांव के कच्चे मैदान पर हॉकी की स्टिक थामने वाली मधु अब देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना हुनर दिखा रही है।
कक्षा नौ में खेल प्रतिभा के आधार पर मधु का चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ के लिए हुआ था। इसके बाद हॉकी उसके जीवन का अहम हिस्सा बन गई। पढ़ाई के साथ खेल की कड़ी ट्रेनिंग और लगातार मेहनत ने उसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
रविवार को अपने घर पर पत्रकारों से बातचीत में मधु ने चीन में खेले गए मुकाबलों के अनुभव साझा किए। उसने बताया कि प्रतियोगिता में मेजबान चीन के खिलाफ मुकाबला सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। मैच से पहले टीम को विपक्षी खिलाड़ियों की रणनीति और खेल से जुड़े वीडियो दिखाए जाते थे। इसके अलावा, विरोधी टीम की कमजोरियों और भारतीय टीम की ताकत पर भी चर्चा की जाती थी, ताकि मुकाबले के लिए बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।
मधु ने बताया कि एशिया जूनियर कप के हर मैच के लिए अलग रणनीति बनाई गई थी। भारतीय खिलाड़ियों ने उसी के अनुसार शानदार खेल का प्रदर्शन किया और आखिरकार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। डिफेंडर की भूमिका निभाने वाली मधु ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले का भी जिक्र किया। उसने बताया कि टीम का लक्ष्य अधिक से अधिक गोल कर मैच जीतना था। सभी खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास से टीम ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
अब मधु का सपना जल्द से जल्द भारतीय सीनियर हॉकी टीम में जगह बनाना है। उसके दादा गुलाब पटेल ने बताया कि उन्होंने हमेशा मधु को पूरे मन से खेलने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पिता सत्य नारायण और मां मुन्नी देवी ने भी हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया।
मधु की इस उपलब्धि पर हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह और सचिव केबी रावत रविवार को उसके घर पहुंचे। दोनों पदाधिकारियों ने मधु को सम्मानित कर उपहार भेंट किया और भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
