भारत की बेटी ने रचा इतिहास! अनाहत सिंह बनीं जूनियर स्क्वैश वर्ल्ड चैंपियन, मिस्र का 19 साल का दबदबा खत्म
भारत की 17 वर्षीय अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत के साथ मिस्र का 19 साल पुराना दबदबा भी खत्म हो गया। जानिए पूरी कहानी।
India First Junior Squash Champion: भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसका देश लंबे समय से इंतजार कर रहा था। 17 वर्षीय अनाहत ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर पहली बार भारत को यह गौरव दिलाया। इस जीत के साथ उन्होंने स्क्वैश की दुनिया में मिस्र के करीब 19 साल पुराने दबदबे को भी खत्म कर दिया। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय खेल इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जा रहा है।
फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर जीता खिताब
फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने मिस्र की मजबूत खिलाड़ी को सीधे गेम में हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान उन्होंने बेहतरीन नियंत्रण, तेज खेल और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। निर्णायक मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और विरोधी खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया।
भारत की पहली जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियन बनीं
अनाहत सिंह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले कोई भी भारतीय जूनियर खिलाड़ी विश्व चैंपियन नहीं बन सका था। उनकी इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय स्क्वैश को नई पहचान दिलाई है।
19 साल बाद टूटा मिस्र का दबदबा
पिछले करीब दो दशकों से जूनियर स्क्वैश में मिस्र का दबदबा बना हुआ था। लगातार कई साल तक विश्व खिताब मिस्र के खिलाड़ियों के नाम रहे। लेकिन इस बार अनाहत सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए इस सिलसिले को रोक दिया और भारत के नाम नया इतिहास दर्ज करा दिया।
कम उम्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं अनाहत
अनाहत सिंह पहले से ही भारतीय स्क्वैश की उभरती हुई स्टार मानी जाती हैं। उन्होंने कम उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। एशियाई खेलों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने भारत का नाम रोशन किया है। अब विश्व जूनियर चैंपियन बनकर उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
देशभर से मिल रही बधाइयां
अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत के बाद खेल जगत, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी उनकी उपलब्धि की जमकर सराहना हो रही है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसे भारतीय स्क्वैश के लिए नया दौर बताया है।
भारतीय स्क्वैश के लिए नई शुरुआत
विशेषज्ञों का मानना है कि अनाहत सिंह की यह जीत आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगी। इससे भारत में स्क्वैश को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों का इस खेल की ओर रुझान भी बढ़ेगा। यह सफलता दिखाती है कि भारतीय खिलाड़ी अब विश्व स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
