UP के 42% पुलिस कर्मियों ने नहीं दी संपत्ति की जानकारी, 31 जनवरी तक अपलोड नहीं किया तो रुकेगा वेतन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्तियों का विवरण अपलोड करने में अब तक काफी संख्या में कर्मी पीछे चल रहे हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल पुलिस कर्मियों में से मात्र 58 प्रतिशत ने ही इस पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा अपलोड किया है, जबकि शेष 42 प्रतिशत कर्मियों ने अभी तक यह विवरण नहीं दिया है।
डीजीपी मुख्यालय की तकनीकी सेवा शाखा ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शेष कर्मी 31 जनवरी तक अपना संपत्ति विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं करते, तो उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा। स्पष्ट किया गया है कि केवल वही कर्मी जिन्होंने निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवरण अपलोड किया होगा, उनका ही जनवरी का वेतन जारी किया जाएगा।
इस संबंध में तकनीकी सेवा शाखा द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, पुलिस कमिश्नरों, एडीजी जोन, आईजी रेंज तथा जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र भेजा गया है। पत्र में 6 जनवरी को जारी कार्मिक विभाग के शासनादेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को तत्काल संपत्ति विवरण अपलोड कराने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक सहायता प्रदान करें, ताकि वेतन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। विभाग का मानना है कि मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से संपत्ति विवरण की ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी सेवकों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
पुलिस कर्मियों से अपील की जा रही है कि वे तुरंत इस प्रक्रिया को पूरा करें, क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी तरह की छूट मिलने की संभावना नहीं है।
