10 साल संगठन संभाला, अब योगी कैबिनेट में मंत्री बन सकते हैं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा
वाराणसी भाजपा जिलाध्यक्ष और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को योगी कैबिनेट विस्तार में मंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी ने उन्हें लखनऊ बुलाया है। 10 साल से लगातार जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हंसराज को पूर्वांचल में विश्वकर्मा समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है।
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में होने जा रहे योगी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले वाराणसी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री पद मिलने की चर्चा जोर पकड़ चुकी है। पार्टी ने उन्हें रविवार को लखनऊ बुलाया है, जिसके बाद उनके कैबिनेट में शामिल होने की संभावना और मजबूत मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगातार तीसरी बार जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हंसराज विश्वकर्मा को भाजपा संगठन का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। पार्टी के भीतर उन्हें लंबे समय से मेहनती और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता रहा है।
बूथ कार्यकर्ता से मंत्री पद तक का सफर
वाराणसी के कंचनपुर निवासी हंसराज विश्वकर्मा ने वर्ष 1989 में भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। शुरुआत बूथ स्तर से हुई और धीरे-धीरे पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दीं।
साल 2006 में उन्हें जिला कार्यकारिणी में जगह मिली। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और संगठन क्षमता को देखते हुए भाजपा ने जनवरी 2016 में उन्हें वाराणसी जिलाध्यक्ष बना दिया।
10 साल से संगठन की कमान, पार्टी का लगातार भरोसा
हंसराज विश्वकर्मा पिछले करीब दस वर्षों से लगातार जिलाध्यक्ष पद संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में भाजपा ने कई जिलाध्यक्ष बदले, लेकिन वाराणसी में पार्टी ने लगातार उन पर ही भरोसा बनाए रखा। तीन अप्रैल 2023 को भाजपा ने उन्हें विधान परिषद सदस्य भी बनाया। इसके बाद माना जा रहा था कि संगठन में बदलाव होगा, लेकिन पार्टी ने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास रहने दी।
पूर्वांचल में विश्वकर्मा समाज का बड़ा चेहरा
हंसराज विश्वकर्मा को पूर्वांचल में विश्वकर्मा समाज का प्रभावशाली नेता माना जाता है। वह पिछड़ी लोहार जाति से आते हैं और सामाजिक स्तर पर भी काफी सक्रिय रहते हैं। वह शिल्प अनुसंधान एवं विकास संस्थान उत्तर प्रदेश और श्रीविश्वकर्मा मंडल काशी के संरक्षक भी हैं। हाल ही में गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक युवती से जुड़े मामले में भी वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे और मदद दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
योगी कैबिनेट विस्तार में पूर्वांचल पर फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाना भाजपा का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। अब सबकी नजर योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी है, जहां वाराणसी से भाजपा के इस पुराने संगठनात्मक चेहरे को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
