लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार सख्त: बेसमेंट में नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर, प्रदेशभर में होगा फायर सेफ्टी ऑडिट
लखनऊ। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब प्रदेश में किसी भी भवन के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही बेसमेंट में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि और व्यापार पर भी रोक लगा दी गई है।
मंगलवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लखनऊ अग्निकांड को पूरे प्रदेश के लिए बड़ा सबक बताते हुए मिशन मोड में फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी इमारत के बेसमेंट में अब कोचिंग कक्षाएं नहीं चलाई जा सकेंगी। यदि किसी भवन का बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाएगा।
सीएम योगी ने बताया कि लखनऊ में जिस कोचिंग सेंटर में आग लगी थी, उसका निर्माण आवासीय उपयोग के लिए हुआ था, लेकिन नियमों की अनदेखी कर वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन और भूमि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी अभियान जनहित में चलाया जाए और कार्रवाई के नाम पर किसी भी व्यक्ति का उत्पीड़न न हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
