उन्नाव-कानपुर दौरे पर अखिलेश यादव का हमला: ‘भाजपा ने हिंदुओं पर संकट पैदा किया’, शंकराचार्य मामले पर भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को उन्नाव और कानपुर दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) के नाम पर पहले मुस्लिम भाइयों के कागज ढूंढवाए गए और अब जब डेटा देखा जा रहा है तो हिंदू भाई ज्यादा कागज तलाश रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुओं पर संकट पैदा कर दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि याद रखा जाए, अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में है तभी वह भारत का नागरिक माना जाएगा। उनका आरोप था कि भाजपा ने नोटिस देकर कई हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर सूची से कटवा दिए हैं।
शंकराचार्य पर कथित झूठे मुकदमे को लेकर भी सपा अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने मुकदमा कराया है, उसके भाजपा नेताओं से संबंध हैं और उसकी तस्वीरें भाजपा के कई नेताओं के साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का चरित्र जनता देख चुकी है और जो भी उसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसकी आवाज दबाने के लिए अधिकारियों के जरिए झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं।
गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन ‘इंडिया गठबंधन’ है और यह आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने हरियाणा में बड़े स्लॉटर हाउस खोले जाने का आरोप भी लगाया। साथ ही भाजपा सरकार में शामिल ओबीसी, एससी-एसटी मंत्रियों से कहा कि अगर उन्हें भेदभाव महसूस हो रहा है तो वे सरकार छोड़कर बाहर आ जाएं।
बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के यहां आयकर विभाग की कार्रवाई पर भी उन्होंने सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि वे विधायक हैं, बल्कि वे कारोबारी भी हैं और उनकी मदद होनी चाहिए। उनका आरोप था कि जो भाजपा को खुश कर देता है, उसके यहां छापा नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि उमा शंकर सिंह के यहां छापा इसलिए पड़ा क्योंकि कुछ लोग जापान गए हुए थे, वरना सूचना लीक हो जाती और छापा नहीं पड़ता।
