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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- BJP के लिए धर्म नहीं ‘धन’ है प्राथमिकता
 

 
 राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- BJP के लिए धर्म नहीं ‘धन’ है प्राथमिकता
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लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों की कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए धर्म का वास्तविक अर्थ केवल धन कमाना रह गया है।

इस दौरान सपा प्रमुख ने अयोध्या और गोरखपुर की स्थिति पर आधारित पुस्तक ‘समाजवादी ऑडिट-2’ का भी विमोचन किया। राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चल रही एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मंदिर परिसर से सीसीटीवी फुटेज का गायब होना कई गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस सीसीटीवी से “सीसी” का राज खुल सकता है, जिसका मतलब है “चढ़ावा चोरी” और “चंदा चोरी”।

गोरखपुर के विकास मॉडल पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री के गृह जनपद Gorakhpur को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार के विकास दावों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में जिले के करीब 500 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं, जिससे गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनके अनुसार वर्ष 2017 तक गोरखपुर में 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) संचालित थे, जिनकी संख्या अब घटकर केवल 9 रह गई है, जबकि निजी अस्पतालों की संख्या 37 से बढ़कर 501 हो गई है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का प्रमाण बताया।

गोरखपुर में होगा सपा का बड़ा सम्मेलन

सपा अध्यक्ष ने बताया कि हाल ही में गोरखपुर से आए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक की गई है और जल्द ही जिले में पार्टी का एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में प्रदेश शीर्ष राज्यों में शामिल है और गोरखपुर में ऐसे मामलों की संख्या अधिक है।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रहे पुलिस एनकाउंटरों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इनमें पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों को अधिक निशाना बनाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग

इससे पहले अयोध्या से सपा नेता एवं पूर्व मंत्री Tej Narayan Pandey ने भी राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि मंदिर चढ़ावा मामले की निष्पक्ष जांच केवल Supreme Court of India के सिटिंग जज की निगरानी में ही संभव है। पवन पांडेय ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और न्यायालय के आदेश से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला बताया।