MLC चुनाव में धांधली का आरोप: अखिलेश यादव बोले- 97 बूथों पर मिले बिना फोल्ड किए बैलेट पेपर, भाजपा पर साधा निशाना
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव की मतदान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सपा प्रत्याशी कांति सिंह की सीट से जुड़े 97 बूथों पर बिना फोल्ड किए हुए बैलेट पेपर मिले हैं। अखिलेश ने आशंका जताई कि ऐसा प्रतीत होता है कि मतपेटियों में एक साथ वोट डालकर लाए गए हों।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गोरखपुर में बिना सील की मतपेटी मिलने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि गोरखपुर में एक मतपेटी बिना सील के मिली है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए सत्ताधारी दल किसी भी हद तक जा सकता है।
सपा प्रमुख ने चुनाव अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में सुधार कराने की अपील की। साथ ही मतदान प्रक्रिया में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। अखिलेश का आरोप था कि सपा समर्थक मतदाताओं की अधिक संख्या वाले इलाकों में जानबूझकर लंबी कतारें लगवाई जा रही हैं और पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है।
धर्मेंद्र कश्यप और बेटी कीर्ति कश्यप का सपा में स्वागत
इस दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप का समाजवादी पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप के पार्टी में आने से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की लड़ाई को मजबूती मिलेगी।
धर्मेंद्र कश्यप के भाजपा से अलग होकर सपा में आने की जानकारी पहले भी सामने आई थी। अक्टूबर में अखिलेश यादव के साथ उनकी मुलाकात और पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं।
धर्मेंद्र कश्यप ने पिछड़े वर्ग के लोगों को न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कश्यप समाज के एक दर्जन से अधिक लोगों की हत्या हुई है। उन्होंने इन घटनाओं के पीछे जाति विशेष के लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में अखिलेश यादव का नेतृत्व जरूरी है और वह समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
'प्रीपेड पार्टियों से सावधान रहने की जरूरत'
अखिलेश यादव ने कुछ राजनीतिक दलों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'प्रीपेड पार्टियां' बताया। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि कुछ पार्टियों का ओटीपी कहीं और से आता है और उनके माइक व लाउडस्पीकर भी दूसरे लोगों के होते हैं।
उन्होंने पतंग की डोर कटने का उदाहरण देकर भी राजनीतिक तंज कसा। साथ ही भाजपा पर बड़ी कंपनियों के माध्यम से चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने कैमरों में इस्तेमाल होने वाले लेंस को लेकर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पता नहीं कौन-सा लेंस लगाया जाता है, जिसमें लाल रंग भी भगवा दिखाई देने लगता है।
केसर चीनी मिल का मुद्दा उठाया, 162 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा
सपा प्रमुख ने किसानों के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए केसर चीनी मिल पर 162 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर बकाया भुगतान कराया जाएगा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करने से बचती है।
शिवपाल यादव बोले- सपा की सरकार बनने पर होगी जांच
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, जबकि सत्ता से जुड़े लोग लाभ उठा रहे हैं।
शिवपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर कथित अनियमितताओं और अन्याय से जुड़े मामलों की जांच कराई जाएगी।
सांसद नीरज मौर्य ने उठाई जातिगत भागीदारी की मांग
आंवला से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने सामाजिक न्याय और जातिगत आधार पर भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने पिछड़े और वंचित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही।
वहीं, अखिलेश यादव ने बसपा से आए आबिद अली का जिक्र करते हुए भी राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यहां किसी पार्टी का नाम नहीं लिया जा रहा, बल्कि गुलदस्ता लेकर आए हैं।
फिलहाल विधान परिषद चुनाव में बैलेट पेपर और मतपेटियों को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर चुनाव आयोग या भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
