राम मंदिर ट्रस्ट में संगठित लूट का आरोप, SIT रिपोर्ट एक हफ्ते में सार्वजनिक करने की मांग: अजय राय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर देश की आस्था के साथ छल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था को आज राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तथा श्रीरामजन्मभूमि से जुड़े मामलों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
अजय राय ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि को लेकर जो जानकारियां सामने आ रही हैं, वे एक "संगठित लूट" की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और इन आरोपों की पुष्टि भाजपा के पूर्व सांसदों के बयानों से भी होती है।
उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सेवानिवृत्त नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा को अध्यक्ष बनाया गया था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव के रूप में पांच वर्ष तीन महीने तक कार्य कर चुके हैं। अजय राय ने आरोप लगाया कि यदि ट्रस्ट में गड़बड़ियां हुई हैं तो इसकी जिम्मेदारी शीर्ष स्तर तक तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रस्ट में शामिल कुछ लोग पहले से विवादों में रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अजय राय ने कहा कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने पहले श्रीरामजन्मभूमि में शिलापूजन के नाम पर लोगों से धन एकत्र किया था, लेकिन उसका कोई स्पष्ट हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन नेतृत्व से भी इस धनराशि का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की आस्था और भगवान को चढ़ाए गए चढ़ावे का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही कहा कि सरकार द्वारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन यह स्वीकार करता है कि मामले में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि इस मामले की SIT रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए और रिपोर्ट को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।
