UP Board 10वीं में बड़ा बदलाव! इंटरनल खत्म, अब विज्ञान-गृह विज्ञान में सीधे 30 नंबर का प्रैक्टिकल
प्रयागराज: माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल यानी कक्षा 10वीं की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शासन के आदेश के बाद अब विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में स्कूल स्तर पर होने वाले आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। इसके स्थान पर दोनों विषयों में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
यूपी बोर्ड की ओर से इस संबंध में विज्ञप्ति जारी कर परिषद के विनियमों के अध्याय-13 के विनियम-3 में किए गए संशोधन की जानकारी दी गई है। संशोधित व्यवस्था के तहत विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रैक्टिकल परीक्षा अब स्कूल स्तर पर नहीं, बल्कि परिषद की ओर से अलग से आयोजित की जाएगी।
पहले कैसे होता था मूल्यांकन?
पुरानी व्यवस्था में हाईस्कूल के सभी विषयों के प्रयोगात्मक कार्यों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाता था। इसके लिए 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग का इस्तेमाल होता था और प्राप्त ग्रेड को विद्यार्थियों के अंकपत्र में दर्ज किया जाता था।
अब विज्ञान और गृह विज्ञान के लिए इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।
विज्ञान और गृह विज्ञान में 30 अंकों का प्रैक्टिकल
नई व्यवस्था के अनुसार:
विज्ञान: 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाएगी।
गृह विज्ञान: 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाएगी।
दोनों विषयों का प्रयोगात्मक मूल्यांकन अब स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से नहीं होगा।
बाकी विषयों में पुरानी व्यवस्था जारी
यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विज्ञान और गृह विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के प्रयोगात्मक मूल्यांकन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन विषयों में पहले की तरह स्कूल स्तर पर 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा।
विषय मूल्यांकन व्यवस्था
विज्ञान परिषद द्वारा 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा
गृह विज्ञान परिषद द्वारा 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा
अन्य विषय स्कूल स्तर पर 5 प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग
अंकपत्र में भी दिखेंगे प्रैक्टिकल के अंक
परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को मिलने वाले अंक-पत्र सह प्रमाण-पत्र में विज्ञान और गृह विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा में प्राप्त अंक दर्ज किए जाएंगे। वहीं, अन्य विषयों के प्रयोगात्मक कार्यों के लिए मिलने वाली ग्रेडिंग पहले की तरह अंकपत्र में प्रदर्शित होगी।
यूपी बोर्ड के इस बदलाव से हाईस्कूल के विद्यार्थियों के विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों के प्रैक्टिकल मूल्यांकन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक औपचारिक और बोर्ड स्तर पर निर्धारित हो जाएगी।
