KGMU में बड़ी लापरवाही! 12 साल के बच्चे की मौत, दोषी नर्स बर्खास्त
Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रसिद्ध किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन ने 12 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में दोषी पाई गई संविदा नर्स को बर्खास्त कर दिया है। जांच में नर्स की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही नर्स के नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की भी सिफारिश की गई है।
जांच में सही पाए गए परिजनों के आरोप
पीड़ित परिवार की ओर से आरोपी नर्स पर इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच कमेटी की रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर नर्स की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
क्या है पूरा मामला
मामला 12 वर्षीय बच्चे सेजल वर्मा की मौत से जुड़ा है। सेजल हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित था। परिजनों ने उसे कई जगह इलाज के लिए दिखाया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। अंततः बच्चे को केजीएमयू लाया गया, जहां जांच में उसे फीमोरल डेफिशिएंसी नामक बीमारी होने की पुष्टि हुई। इस बीमारी में जांघ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा जन्म से अविकसित होता है।
बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान नर्स ने गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया।
24 दिसंबर को हुई थी मौत
इलाज के दौरान 24 दिसंबर को बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने केजीएमयू प्रशासन से लिखित शिकायत की। शिकायत के आधार पर सीएमएस डॉ. बीके ओझा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई।
नर्स दोषी पाई गई
जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर संविदा नर्स की लापरवाही सामने आई। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि जांच कमेटी ने नर्सिंग स्टाफ को दोषी पाया है। कमेटी की अनुशंसा पर आरोपी नर्स की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और नर्सिंग काउंसिल में उसका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
