पशु चिकित्सा छात्रों को बड़ी राहत: इंटर्नशिप भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके इंटर्नशिप भत्ते में तीन गुना बढ़ोतरी कर दी है। अब तक छात्रों को चार हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों — पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय — में पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। तीनों विश्वविद्यालयों में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के मानकों के अनुसार प्रत्येक बैच में 100-100 छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
अब तक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से छात्रों को केवल छह माह के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता था। वहीं मथुरा विश्वविद्यालय में पशुपालन विभाग से प्राप्त अनुदान के जरिए छात्रों को अतिरिक्त भत्ता भी मिलता था, लेकिन अन्य दो विश्वविद्यालयों के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से कोई अतिरिक्त सहायता नहीं मिल रही थी।
सरकार ने अन्य राज्यों में दिए जा रहे भत्तों और प्रदेश में एमबीबीएस व बीडीएस छात्रों को मिलने वाले 12 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ते को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। हरियाणा और कर्नाटक में पशु चिकित्सा छात्रों को 14 हजार रुपये, जबकि केरल में 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक भत्ता दिया जा रहा है।
पशुपालन विभाग ने इसी आधार पर भत्ते में आठ हजार रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इस निर्णय से प्रदेश के करीब 300 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार पर इसके चलते 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
