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कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा: झारखंड में खनन ठेका, मंत्री से सांठगांठ, धनंजय सिंह-अलोक सिंह कनेक्शन पर ED का शिकंजा

 
 कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा: झारखंड में खनन ठेका, मंत्री से सांठगांठ, धनंजय सिंह-अलोक सिंह कनेक्शन पर ED का शिकंजा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त नशीले कफ सिरप की तस्करी करने वाले बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होने के बाद अब इसके तार झारखंड की खदानों, राज्य के एक मंत्री, पूर्वांचल के बाहुबलियों और पूर्व सांसद धनंजय सिंह तक जुड़ते दिख रहे हैं। सिंडिकेट के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल की अरबों रुपये की काली कमाई को झारखंड में खनन कारोबार में लगाने की योजना थी। इसके लिए पूर्वांचल के माफिया नेटवर्क का इस्तेमाल कर झारखंड के एक मंत्री से संपर्क साधा गया था। मंत्री ने खनन का बड़ा ठेका दिलाने का आश्वासन भी दिया था।

सूत्रों के अनुसार, सिक्योरिटी मनी जमा करने की जिम्मेदारी शुभम जायसवाल को सौंपी गई थी। इसी के एवज में उसे एमएलसी बनाने और लैंड क्रूजर गाड़ी गिफ्ट करने का वादा किया गया था। शराब कारोबार से शुरुआत करने वाले शुभम ने कफ सिरप तस्करी से पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड में गहरी पैठ बना ली थी।

धनंजय सिंह पर उठे सवाल

पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह का नाम भी इस मामले में चर्चा में है। धनंजय ने अमित सिंह टाटा को ब्लॉक प्रमुख चुनाव में अपना “छोटा भाई” बताकर समर्थन दिया था। वहीं बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह (जो अब ‘एसटीएफ’ के नाम से मशहूर है) धनंजय के बेहद करीबी हैं। रियल एस्टेट, रेलवे ठेके और खनन जैसे कारोबार में आलोक का दबदबा रहा है। सुल्तानपुर रोड पर आलोक का 10 हजार वर्ग फीट का आलीशान मकान (लगभग 20 करोड़ रुपये) देखकर ED के अधिकारी भी दंग रह गए।

फर्जी फर्मों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा, 30 बैंक खाते फ्रीज

शुभम जायसवाल, अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह ने फर्जी फर्में बनाकर कोडीन सिरप की तस्करी की थी। अब ED और STF इन फर्मों के रिकॉर्ड खंगाल रही है। पिछले तीन दिनों में 16 फर्म संचालकों के 30 बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। जौनपुर में 45.06 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े 18 लोगों पर FIR दर्ज की गई है।

भोला प्रसाद 14 दिन की रिमांड पर

कोलकाता से गिरफ्तार शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को NDPS कोर्ट ने 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पूछताछ में भोला ने वाराणसी के चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल को सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया। विष्णु ही पूरा हिसाब-किताब रखता था। पुलिस अब CA विष्णु की तलाश में जुटी है।

गोरखपुर-महराजगंज के 25 धंधेबाज रडार पर

गोरखपुर और महराजगंज के 25 बड़े धंधेबाजों की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही इनके खिलाफ FIR दर्ज होगी। बरेली की एक्सट्रीम हेल्थ सॉल्यूशन, गाजियाबाद की आरएस फार्मा और एस्ले फार्मटेक भी जांच के घेरे में हैं। हिमाचल की एबॉट कंपनी से सिरप खरीदकर बनारस, सोनभद्र, हरियाणा, दिल्ली और बांग्लादेश तक सप्लाई की जाती थी।