योगी सरकार की बड़ी कामयाबी, UP में राज्य पक्षी सारस की संख्या 20 हजार पार
Lucknow : योगी आदित्यनाथ सरकार के वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रयास एक बार फिर रंग लाए हैं। राज्य पक्षी सारस (Grus antigone) की संख्या में साल दर साल निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हाल ही में हुई शीतकालीन गणना (Winter Census) में कुल 20,628 सारस पाए गए, जो पिछले साल की गणना (19,994) से 634 अधिक है। यह उत्तर प्रदेश में सारस संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सारसों की संख्या में साल-दर-साल वृद्धि
- 2023: 19,196 सारस
- 2024: 19,994 सारस
- 2025-26 शीतकालीन गणना: 20,628 सारस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पशु-पक्षी प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति विशेष जोर के कारण ही यह संभव हुआ है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने सारस संरक्षण को प्राथमिकता दी है, जिसमें आशियाना संरक्षण, वेटलैंड्स का संरक्षण, अवैध शिकार पर सख्ती और स्थानीय समुदायों की भागीदारी शामिल है।
शीतकालीन गणना के प्रमुख आंकड़े
- कुल वन प्रभाग: 68
- भाग लेने वाले नागरिक: लगभग 10,000
- सर्वाधिक सारस वाला प्रभाग: इटावा – 3,304 सारस
- 500 से अधिक सारस वाले 10 प्रमुख प्रभाग:
- इटावा: 3,304
- मैनपुरी: 2,899
- औरैया: 1,283
- शाहजहांपुर: 1,078
- गोरखपुर: 950
- कन्नौज: 826
- कानपुर देहात: 777
- हरदोई: 752
- सिद्धार्थनगर: 736
- संतकबीर नगर: 701
- 100 से 500 सारस वाले 29 प्रभाग: रायबरेली (480), सीतापुर (452), उन्नाव (385), बरेली (380), सोहगीबरवा (378), बाराबंकी (345), बांदा (270), फिरोजाबाद (258), बस्ती (224), अमेठी (181) आदि।
- 100 से कम सारस वाले 29 प्रभाग: पीलीभीत सामाजिक वानिकी (98), हमीरपुर (95), सोहेलवा (88), अयोध्या (82), कुशीनगर (64), हाथरस (62), अंबेडकर नगर (59), मेरठ (51), मुरादाबाद (50) आदि। कुछ प्रभागों में संख्या बहुत कम (जैसे हापुड़ में 2, रामपुर में 4) रही।
सारस संरक्षण की सफलता के कारण
- वेटलैंड्स और तालाबों का संरक्षण और पुनरुद्धार
- सारस के आशियाने (घोंसले) की सुरक्षा
- अवैध शिकार और जहर देने पर सख्त कार्रवाई
- स्थानीय ग्रामीणों और नागरिकों की भागीदारी (इस बार 10 हजार नागरिकों ने गणना में मदद की)
- जागरूकता अभियान और शिक्षा कार्यक्रम
सारस उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी है और यह मुख्य रूप से गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाया जाता है। यह पक्षी अपनी वफादारी (लाइफ पार्टनर के साथ जीवन भर साथ रहना) और ऊंची उड़ान के लिए प्रसिद्ध है। योगी सरकार के प्रयासों से अब सारस न सिर्फ संरक्षित हो रहा है, बल्कि उसकी संख्या में स्थिर वृद्धि हो रही है, जो पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत है।
