UP में अब एक दिन में बनेंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, म्यूटेशन भी होगा फटाफट; योगी सरकार ला रही ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब प्रदेश के लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने या मकान-जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे जरूरी कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार की नई योजना के तहत ये सभी सेवाएं अब महज एक ही दिन में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए प्रदेश के सभी नगर निगमों में आधुनिक ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’ (One Day Governance Center) स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना का ऐलान मंगलवार को नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने लखनऊ स्थित Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी मौजूद रहे।
यूपी में लागू होगा ‘गुजरात मॉडल’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री एके शर्मा ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने ‘वन डे गवर्नेंस सिस्टम’ की शुरुआत की थी और अब उसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों के लिए दिनों या हफ्तों तक इंतजार कराने की व्यवस्था खत्म करना है। नई प्रणाली के तहत नागरिकों को सेंटर पर सम्मानपूर्वक बैठाकर आधे घंटे के भीतर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि कोई मामला तकनीकी रूप से जटिल हुआ, तो अधिकतम दो घंटे या लंच के बाद तक समाधान कर उसी दिन दस्तावेज जारी कर दिए जाएंगे।
वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी शुरू होगी सुविधा
नगर विकास मंत्री ने बताया कि राजधानी लखनऊ नगर निगम में पहला आधुनिक ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’ पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब इसी तर्ज पर Varanasi, Prayagraj और Gorakhpur समेत प्रदेश के अन्य बड़े नगर निगमों में भी इस व्यवस्था को तेजी से लागू किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष इंतजाम
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगी जो तकनीकी जानकारी के अभाव में ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते। लखनऊ नगर निगम के मॉडल सेंटर में वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए आरामदायक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोगों को चाय, कॉफी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश के शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ से आगे बढ़ाकर ‘ग्लोबल सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए तेज और आधुनिक गवर्नेंस सिस्टम बेहद जरूरी है।
