लखनऊ में महिला आरक्षण बिल पर BJP का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी संग 15 हजार महिलाओं की पदयात्रा
लखनऊ: महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित न होने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” निकाली। इस पदयात्रा में योगी आदित्यनाथ खुद महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाओं की भारी भीड़ शामिल रही।
पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक लगभग 2 किलोमीटर चली। इस दौरान पंकज चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री और सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। रैली के समापन पर पंकज चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “नकाब की राजनीति में सपा और कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया है और महिलाओं में उनके खिलाफ भारी आक्रोश है।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सपा और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “भीषण गर्मी में उमड़ी यह भीड़ महिलाओं के गुस्से को दिखाती है।” योगी ने समाज को चार वर्गों—महिला, गरीब, युवा और किसान—में बांटते हुए कहा कि इन वर्गों के हितों की रक्षा भाजपा की प्राथमिकता है।
रैली में शामिल महिलाओं ने “नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में” और “राहुल गांधी मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। गर्मी को देखते हुए रास्ते में जगह-जगह प्याऊ और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अपने संबोधन में सपा और कांग्रेस की तुलना मेंढक से करते हुए कहा कि “इन्हें चाहे कहीं भी बैठा दो, ये अपनी आदत नहीं बदलते।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आरक्षण जाति के आधार पर नहीं दिया जा सकता।
इस पदयात्रा में ओम प्रकाश राजभर और आशीष पटेल समेत सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हुए। भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में यह आंदोलन आगे बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर तक जारी रहेगा।
