'महिला आरक्षण बिल गिरते ही भड़के सीएम योगी आदित्यनाथ, बोले— भारत माता के सम्मान पर आघात'
नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया। इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का “काला अध्याय” बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे संविधान पर हमला करार दिया।
सीएम योगी ने बिल के गिरने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित न होने देकर “भारत माता के सम्मान पर आघात” किया है। उन्होंने इसे देश की मातृशक्ति के साथ धोखा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने अपनी “नारी विरोधी मानसिकता” को उजागर किया है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की महिलाएं इस अन्याय को याद रखेंगी और समय आने पर इसका जवाब देंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार महिलाओं के सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि मत विभाजन के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। उन्होंने कहा कि आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण यह बिल प्रारंभिक स्तर पर ही गिर गया और इस पर आगे की कार्यवाही संभव नहीं है।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बिल संविधान पर हमला था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस “हमले” को रोक दिया है। उनके अनुसार, यह सिर्फ महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि देश की राजनीतिक संरचना को बदलने का प्रयास था, जिसे विपक्ष ने विफल कर दिया।
महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।
