CM योगी ने 818 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- छह महीने में एक लाख नौकरियां देंगे
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में 'मिशन रोजगार' के तहत प्रदेश भर के 818 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। यह नियुक्तियां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया के तहत हुई हैं। जिन पदों पर चयन हुआ, उनमें व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट, तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन जैसे पद शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मिशन रोजगार पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने दोनों आयोगों के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि जब चयन प्रक्रिया राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त और पारदर्शी होती है, तभी ऐसे संतोषजनक नतीजे सामने आते हैं।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार का दावा
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति दोनों पर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब आयुष विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने और मेरिट आधारित रखने पर लगातार समीक्षा की जा रही है। उनके अनुसार, पहले भर्ती विज्ञापन आते ही दलाल गिरोह वसूली में जुट जाते थे और इंटरव्यू प्रक्रिया भी गड़बड़ी की एक और वजह बन जाती थी, इसलिए सरकार ने ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में इंटरव्यू व्यवस्था ही समाप्त कर दी।
पुलिस-होमगार्ड में लगभग 77 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में भर्तियों की रफ्तार और तेज होगी। रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। यूपी पुलिस में 36 हजार और होमगार्ड में 41-42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिनका मेडिकल व फिजिकल परीक्षण जारी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अगले छह महीनों में परिणाम घोषित करेगा, जिससे 25-30 हजार युवाओं को अवसर मिलेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के जरिए तीन-चार महीनों में 20-25 हजार भर्तियां होंगी, जबकि यूपीपीएससी की परीक्षाओं के बाद विभिन्न विभागों में 15-16 हजार युवाओं को नियुक्ति मिलेगी।
विपक्ष पर तीखा हमला
सरकार पर सवाल उठाने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं को निशाने पर लेते हुए सीएम ने कहा कि वे गिनती करते रहें, सरकार छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देगी। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद से अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में आयोगों और बोर्डों में स्वजन-पोषण के जरिए पूरी भर्ती व्यवस्था को बदनाम कर दिया गया था और कोई भी भर्ती निष्पक्ष तरीके से नहीं होती थी। उनके मुताबिक, तत्कालीन भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण कार्यशैली के चलते युवाओं के सामने न तो प्रदेश में नौकरी थी और न बाहर पहचान का कोई ठिकाना, जिससे उनके सपने अधूरे रह जाते थे और यही रवैया प्रदेश के पिछड़ेपन की वजह बना।
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया था, जिसकी गड़बड़ियों के चलते युवाओं को सड़क पर उतरकर न्याय की मांग करनी पड़ी और अदालत तक जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी असंतोष के चलते 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला लिया था।
युवा शक्ति को आर्थिक अवसर में बदलने का दावा
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उनकी सरकार ने मिशन रोजगार कार्यक्रम का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार युवाओं की क्षमता और प्रतिभा को उचित सम्मान नहीं दे सकी, जबकि उनकी सरकार ने प्रदेश की ताकत को आर्थिक अवसर के रूप में देखा और पहले जो संभावनाएं बंद पड़ी थीं, उन्हें प्रतिभाशाली युवाओं के माध्यम से खोलने का प्रयास किया, जिसका नतीजा अब भर्तियों की रफ्तार में दिख रहा है।
