शिक्षामित्रों की सैलरी 80% बढ़ी: ₹18,000 मानदेय, किसानों को मुफ्त बिजली-सोलर, यूपी में योगी सरकार के बड़े फैसले
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। किसानों को मुफ्त बिजली और सोलर पैनल मिलेंगे। नए स्कूल, डिजिटल उद्यमी योजना और कृषि निर्यात के लिए भी बजट घोषित हुआ है। इन फैसलों से शिक्षा, रोजगार और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
UP Shiksha Mitra Salary Increased: योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा, कृषि और रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसलों का ऐलान करते हुए लाखों लोगों को सीधा लाभ देने वाली योजनाओं की घोषणा की। सबसे बड़ा फैसला शिक्षामित्रों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी का रहा, जिसे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी। इसके अलावा अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करते हुए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा देने का भी ऐलान किया। वहीं, जिन क्षेत्रों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 580 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकार का मानना है कि इससे बेटियों की शिक्षा को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों ने अब तक 5000 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें 300 से ज्यादा को मंजूरी मिल चुकी है। सरकार विभिन्न मंडलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने के साथ-साथ निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों को भी निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे प्रदेश शिक्षा का वैश्विक केंद्र बन सके।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार डिजिटल एंटरप्रेन्योर योजना के तहत गांवों में 8000 डिजिटल उद्यमी तैयार करेगी। खास बात यह है कि इसमें 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए होगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही 16 लाख किसानों को मुफ्त बिजली और सोलर पैनल देने की योजना लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य किसानों की लागत कम करना और उनकी आय बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कोविड-19 के दौरान दूसरे राज्यों से लौटे 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर अब उत्तर प्रदेश में ही रोजगार पा चुके हैं। इससे राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और उद्योगों को पर्याप्त श्रमिक मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है।
