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CM योगी का बड़ा बयान: 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति, JPNIC पर उठाए सवाल
 

 
 CM योगी का बड़ा बयान: 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति, JPNIC पर उठाए सवाल
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन सभागार में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के 371 और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 129 अभ्यर्थी शामिल हैं।

नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान सीएम योगी ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब वित्तीय अनुशासन में देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल हो चुका है।

गंगा एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए, फिर भी सरकार को बैंकों से कर्ज नहीं लेना पड़ा। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। पिछली सरकारों के कर्ज को कम करने में हम सफल रहे हैं।

JPNIC कुप्रबंधन का उदाहरण

सीएम ने लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का जिक्र करते हुए इसे वित्तीय कुप्रबंधन का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 220 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 860 करोड़ रुपये खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है।

यह पैसा किसी व्यक्ति या सरकार का नहीं, बल्कि जनता का है। प्रदेश में ऐसे एक दर्जन मामले हैं, जहां हजारों करोड़ रुपये का दुरुपयोग हुआ।

राजस्व में उछाल, लीकेज पर लगी रोक

सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले आबकारी विभाग से मात्र 12 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो अब बढ़कर 63 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा, “पहले लीकेज में कई लोग हिस्सेदार थे और लूट मची हुई थी। अब पारदर्शिता आई है, इसलिए लेखा परीक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।”

चाचा-भतीजा’ मॉडल खत्म, अब सिर्फ मेरिट

भर्ती प्रक्रिया पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि पहले सिफारिश और पक्षपात से भर्तियां होती थीं। “पहले चाचा-भतीजे सूची भेजते थे और चेयरमैन अपनी मर्जी से भर्ती कर लेते थे। 50 की जगह 75 नियुक्तियां हो जाती थीं। अब 500 भर्तियां हुई हैं और सभी जाति, धर्म व समुदाय के लोग इसमें शामिल हैं। सिर्फ टैलेंट के आधार पर लोगों को नौकरी मिली है।”

निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी

सीएम ने कहा कि नगर निगमों और नगर पालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मजबूत वित्तीय प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने लेखा परीक्षकों से अपील की कि वे आय-व्यय का सही आकलन करें और स्थानीय निकायों को मजबूत बनाएं।

“पंचायती राज व्यवस्था देश की नींव है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आपकी अहम भूमिका होगी,” उन्होंने जोर दिया।

9 लाख से अधिक नियुक्तियां बिना विवाद

सीएम योगी ने बताया कि अब तक प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और एक भी नियुक्ति पर अंगुली नहीं उठी है। एमएसएमई क्षेत्र में तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है और प्रदेश आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की कार्यशैली की तारीफ

अपने संबोधन में सीएम ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की सक्रियता और ऊर्जा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उम्र में भी उनकी कार्यशैली प्रेरणादायक है और सभी को उनकी तरह ईमानदारी से काम करना चाहिए।