विश्व दिव्यांग दिवस पर CM योगी का संदेश: अवसर दो, दिव्यांग समाज का रत्न बनेंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी ऋषि परंपरा में किसी की दिव्यांगता को कभी कमजोरी नहीं माना गया है। हर व्यक्ति ईश्वर की अनुपम कृति है और शारीरिक बनावट को कभी सामर्थ्य का पैमाना नहीं बनाया गया।
सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांगता होने पर अक्सर बच्चे को परिवार में उपेक्षित कर दिया जाता है, जिससे वह जीवन भर कुंठित और अलग-थलग रह जाता है। लेकिन यदि परिवार और समाज संबल दे तो दिव्यांगजन न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के दो उदाहरण देते हुए कहा, “हमारे प्रदेश में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. पैरालंपिक में मेडल जीत चुके हैं। इसी तरह चित्रकूट के मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह दृष्टिबाधित होने के बावजूद आईएएस अधिकारी के रूप में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। जरूरत सिर्फ यह है कि समाज उन्हें उपेक्षा की बजाय सम्मान और अवसर दे।
