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CM योगी का सपा पर तीखा हमला, बोले- सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे, PDA का मतलब...
 

 
 CM योगी का सपा पर तीखा हमला, बोले- सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे, PDA का मतलब...
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो ऐसे किनारे हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। उन्होंने सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी और शिक्षकों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं थी।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने शिक्षकों के हित में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के हित में लगातार काम कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा की।

सपा सरकार में बंदूक लेकर स्कूल जाते थे शिक्षक : योगी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार में प्रदेश की कानून-व्यवस्था इतनी खराब थी कि शिक्षकों को अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उन्होंने वर्ष 2004 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सांसद रहते हुए उन्हें एक महिला शिक्षक साइकिल से स्कूल जाते हुए मिली थीं, जिनके कंधे पर बंदूक थी।

योगी के मुताबिक, महिला शिक्षक ने बताया था कि तत्कालीन परिस्थितियों में अपनी और विद्यालय के बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें हथियार लेकर जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में शिक्षकों, छात्राओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता था, जबकि वर्तमान सरकार में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों या महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा।

PDA को बताया 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने पीडीए का अर्थ 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना' बताते हुए आरोप लगाया कि सपा की राजनीति परिवार और चुनिंदा लोगों तक सीमित है।

राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक प्रत्याशी परिवार से और दूसरे को मुंबई के धनाढ्य वर्ग से चुना। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा के पीडीए में समाज के अन्य वर्गों के लिए आखिर कितनी जगह है।

मुख्यमंत्री ने सपा नेताओं पर बार-बार राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाते हुए उनकी तुलना गिरगिट से की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग सत्ता में आने पर शांति और सुरक्षा का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन उनका पिछला कार्यकाल कुछ और ही कहानी बताता है।

'सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे'

समाजवादी पार्टी पर हमला जारी रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने उसके नेताओं को धोखेबाज और झूठा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने अतीत में राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज अयोध्या पहुंचकर भी राम मंदिर जाने से बचते हैं।

मुख्यमंत्री ने सपा के आश्वासनों की तुलना मगरमच्छ के उस कथित वादे से की, जिसमें वह शिकार न करने की बात कहता है। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा की व्यवस्था को आगे बढ़ाने के बजाय उसे नुकसान पहुंचाने वाली पार्टी रही है।

शिक्षकों को पांच लाख का कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेसिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षकों, शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

उनके अनुसार, सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बिना वेतन कटौती के दुर्घटना बीमा की व्यवस्था भी की गई है। दुर्घटना की स्थिति में पात्र शिक्षक के परिवार को 80 लाख से 1.20 करोड़ रुपये तक की बीमा सहायता मिलने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा के दायरे में लाया गया है। साथ ही उन्होंने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने का उल्लेख किया।

उन्होंने समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि प्रदेश में चार बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद सपा सरकार शिक्षकों को कैशलेस इलाज जैसी सुविधा क्यों नहीं दे सकी।

नई पेंशन योजना को लेकर मुलायम और अखिलेश पर निशाना

मुख्यमंत्री ने नई पेंशन योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई थी। इसके तहत कर्मचारी और सरकार की ओर से निर्धारित अंशदान संबंधित खाते में जमा होना था।

योगी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने कर्मचारियों के खाते खुलवाने और उनमें अंशदान जमा करने की दिशा में आवश्यक कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले को प्राथमिकता दी गई।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2018 में एक समिति गठित की गई और 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराकर लगभग 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए तथा उनमें राशि भेजी गई।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली थे और भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठते थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के समय प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त थे। सरकार ने नियुक्ति प्रक्रियाएं शुरू कर निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करने का प्रयास किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्तियों में पक्षपात होता था और कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया जाता था। योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।

ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से बदली स्कूलों की तस्वीर

शिक्षा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सरकारी तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा से जुड़े करीब 2,300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को भवन निर्माण तथा सुविधाओं के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई।

मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।

योगी ने कहा कि अच्छी शिक्षा व्यवस्था ही शिक्षकों के प्रति सबसे बड़ा सम्मान है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करता है।

23 अक्टूबर को मतदान, शिक्षक मतदाताओं के लिए अवकाश का ऐलान

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है और उसे अपने हितों के लिए काम करने वाले प्रतिनिधि का चयन करना चाहिए।

योगी ने बताया कि शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक मतदाताओं के लिए मतदान के दिन अवकाश की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

उन्होंने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को शिक्षक नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा और पंचानन राय की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला बताया।

शिक्षक समाज का मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण का आधार

मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा में गुरु के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति गुरु के ऋण से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता। उन्होंने भगवान श्रीराम के गुरु महर्षि वशिष्ठ, भगवान श्रीकृष्ण के गुरु संदीपनी और चंद्रगुप्त मौर्य के मार्गदर्शक चाणक्य का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़े गौरव का क्षण वह होता है, जब उसका पढ़ाया हुआ विद्यार्थी देश और समाज में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करता है।

सूर्य प्रताप शाही ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले करीब दस वर्षों के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव हुए हैं। उन्होंने शिक्षकों के वेतन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सम्मान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की।

भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी निशुल्क चिकित्सा सुविधा की मांग को सरकार ने स्वीकार किया है। उन्होंने इसे शिक्षक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक संगठन के पदाधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।