पिता की दरिंदगी: नशीली दवा देकर 11 साल की जुड़वा बेटियों का गला काटा, पोस्टमार्टम में डॉक्टरों के कांपे हाथ
कानपुर I कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट (के-ब्लॉक) में शनिवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। दवा कंपनी के सेल्स मैनेजर शशिरंजन मिश्रा (48) ने अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि की नृशंस हत्या कर दी। आरोपी ने हत्या से पहले बच्चों को नशीली दवा खिलाई, जिससे वे बचने के लिए संघर्ष भी नहीं कर पाईं। इसके बाद चापड़ रखकर हथौड़े से गले पर इतने गहरे वार किए कि दोनों की श्वास नली कट गई और अत्यधिक रक्तस्त्राव से उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन पर वार इतने गहरे थे कि उनका हाथ भी कांप गया। डॉक्टरों के अनुसार, नशीली दवा के प्रभाव से बच्चियां पूरी तरह सुन्न हो चुकी थीं, इसलिए उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला। पूरी घटना फ्लैट के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
घटना का क्रम
रविवार तड़के करीब 4:32 बजे शशिरंजन ने खुद यूपी 112 पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर सूचना दी कि उसने अपनी बेटियों की हत्या कर दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी शवों के पास फर्श पर बैठा मिला। दूसरे कमरे में सो रही मां रेशमा को जगाकर पुलिस ने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वह बदहवास हो गईं।
पुलिस ने खून से सने चापड़ और हथौड़े को बरामद कर लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में कब्रिस्तान में दफना दिया गया। शाम करीब छह बजे मां रेशमा अपनी ननद और बुआ सास के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं।
परिवार की पृष्ठभूमि
शशिरंजन मूल रूप से बिहार के गया का रहने वाला है और चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी में सेल्स मैनेजर है। उसने 2014 में मंदिर में प्रेम विवाह किया था। पत्नी रेशमा मूल रूप से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की निवासी हैं और स्वरूपनगर में पार्लर में काम करती थीं। दंपति के तीन बच्चे हैं—जुड़वा बेटियां रिद्धि-सिद्धि (कक्षा 5 में पढ़ती थीं) और 6 वर्षीय बेटा रुद्रव उर्फ गन्नू।
रेशमा ने बताया कि सास की मौत के बाद पति का चिड़चिड़ापन बढ़ गया था। वह अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था और उसके चरित्र पर शक करता था। घर में सुरक्षा के नाम पर हर तरफ CCTV कैमरे लगवा रखे थे—ड्राइंग रूम, किचन, बेडरूम और लॉबी में कुल 6 अंदरूनी और 2 बाहरी कैमरे। हत्या वाले कमरे में भी कैमरा लगा था, लेकिन पत्नी के कमरे और बाथरूम में नहीं। रेशमा ने कहा कि अगर उन्हें अंदेशा होता तो वे बेटियों को अपने पास सुलातीं।
हत्या का कारण अभी अज्ञात
पुलिस ने शशिरंजन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसने हत्या का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। मनोरोग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी वीभत्स घटना अक्सर सीजोफ्रेनिया, कमांडिंग हैल्यूसिनेशन, मैनिया या डिप्रेशन विद साइकोसिस जैसी स्थितियों में हो सकती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने कहा कि बिना विस्तृत अध्ययन के कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन ऐसे लक्षण मानसिक विकार की ओर इशारा करते हैं।
पूरे अपार्टमेंट में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और परिचित बार-बार यही पूछ रहे हैं कि एक पिता का दिल इतना पत्थर कैसे हो गया कि उसने अपनी मासूम बेटियों को ऐसी भयानक मौत दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
