पहले भैंसागाड़ी से भैंसा तक..., CM योगी बोले- अब UP में अराजकता नहीं, उत्सव का माहौल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित पांच कालिदास मार्ग पर भारत टैक्सी सेवा और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की पिछली सरकारों, खासकर वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था। उनके मुताबिक, उस समय टैक्सी चालकों से किराया न देने से लेकर वाहनों की चोरी और चालकों की हत्या तक की घटनाएं होती थीं। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर टैक्सी खड़ी करने के बाद उसके टायर तक गायब हो जाते थे।
‘भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौर में स्थिति ऐसी थी कि भैंसा गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति भी यदि चाय पीने या लघुशंका के लिए नीचे उतरता था, तो बदमाश उसका भैंसा खोलकर ले जाते थे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अराजकता और उपद्रव की जगह उत्सव का माहौल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि पहले प्रदेश में लंबे समय तक कर्फ्यू और दंगों की स्थिति रहती थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कर्फ्यू और दंगों की स्थिति नहीं है तथा कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है।
14 लाख CCTV कैमरों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकार ने करीब 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अपराध के बाद भागने वाले आरोपियों को कैमरों की मदद से ट्रैक करना आसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों के सामने कर्ज, पलायन और बिचौलियों जैसी समस्याएं थीं। सरकार बनने के बाद किसानों के कर्ज माफ किए गए और अब किसानों की स्थिति में बदलाव आया है।
सहकारी बैंकों का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों के लाइसेंस जब्त हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि अब इनमें से 15 बैंक मुनाफे में आ चुके हैं।
भारत टैक्सी सेवा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहकारिता आधारित व्यवस्था है, जिसमें टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक शामिल हो सकते हैं। चालकों को जीरो कमीशन और पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा कवरेज देने की बात भी कार्यक्रम में कही गई। फिलहाल सेवा लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालित हो रही है।
