अभी से सपाई गा रहे हैं- आवे दे सरकार, कट्टा सटा के घरे से उठा लेब... ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को वाराणसी में समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जातिवादी और आपराधिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले गानों के जरिए समाजवादी पार्टी की मानसिकता सामने आती है।
राजभर ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में ऐसे ही जातिवादी गानों का राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा था। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने चुनावी सभाओं में इन गानों का मुद्दा उठाकर राजद और तेजस्वी यादव की छवि पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी उसी तरह के गानों के जरिए समाजवादी पार्टी की मंशा उजागर हो रही है।
'पहले अपनी बिरादरी को समझाएं'
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब भी कोई बड़ी आपराधिक घटना सामने आती है, जांच में अक्सर एक ही बिरादरी के लोगों के नाम सामने आते हैं। उन्होंने आजमगढ़ और प्रयागराज की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पहले अपनी बिरादरी को समझाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के समर्थक अभी से "आवे दे सरकार रे, कट्टा सटा के घरे से उठा लेब रे" जैसे गीत गा रहे हैं, जो गलत संदेश देते हैं।
उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान का भी हवाला देते हुए कहा कि ओवैसी ने भी कहा था कि यदि मुसलमानों का समर्थन न मिले तो समाजवादी पार्टी ग्राम प्रधान का चुनाव भी नहीं जीत पाएगी।
अखिलेश यादव को दी राम मंदिर जाने की सलाह
राम मंदिर चंदा प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजभर ने कहा कि मामले की एसआईटी जांच इसलिए हो रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें देखना चाहिए कि मंदिर कितना भव्य बना है।
अब्बास अंसारी पर भी दिया जवाब
अब्बास अंसारी को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उनके दल के चुनाव चिह्न पर 10 से 12 उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाया था, जिनमें अब्बास अंसारी भी शामिल थे।
'दिल्ली और लखनऊ के बीच सब ठीक'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाए जाने की अटकलों और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के बीच मतभेद के सवाल पर राजभर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से लगातार मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ लगातार मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और लखनऊ के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है और "ऑल इज वेल" है।
