नोएडा हिंसा पर सरकार सख्त, DGP राजीव कृष्णा का अलर्ट—अराजक तत्वों पर होगी कड़ी कार्रवाई
लखनऊ। नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में सोमवार को वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर हजारों औद्योगिक श्रमिक सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और हालात अराजकता में बदल गए। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
हिंसक प्रदर्शन के चलते सेक्टर-62 और डीएनडी मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को काबू में लाने की कोशिश की गई।
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कहा है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भड़काऊ गतिविधि या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन को आशंका है कि श्रमिक आंदोलन के अचानक उग्र होने के पीछे बाहरी तत्वों का हाथ हो सकता है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ लोग इस आंदोलन को बड़े स्तर पर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से नोएडा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने से बचने की भी हिदायत दी गई है।
