यूपी में दो दिनों बाद मौसम लेगा यू-टर्न, मिलेगी गर्मी से राहत, आज 22 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। आमतौर पर 20 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार करीब आठ दिन की देरी से आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून पिछले 15 दिनों से यूपी-बिहार सीमा पर महराजगंज के पास रुका हुआ है और अब 29 जून तक प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
शनिवार सुबह प्रदेश के अधिकांश शहरों में तेज धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई। हालांकि सुबह हल्की ठंडी हवाओं के कारण लोगों को कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, गर्मी और लू का असर बढ़ने की संभावना है। कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है।
30 जिलों में बारिश, 22 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के करीब 30 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं 22 जिलों के लिए हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है, जिससे लोगों को दोपहर के समय विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लखीमपुर खीरी रहा सबसे गर्म
शुक्रवार को लखीमपुर खीरी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बांदा और आगरा में 43 डिग्री, लखनऊ में 42.4 डिग्री, अलीगढ़ में 42.2 डिग्री और प्रयागराज में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
दो दिन बाद बदलेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो जाएंगी। 30 जून से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं होगी, वहां भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा?
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 15 दिनों से महराजगंज के पास रुका हुआ है। अब अगले दो दिनों के दौरान इसके उत्तर प्रदेश में प्रवेश के लिए मौसम अनुकूल बन रहा है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल आज और कल प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का असर बना रहेगा। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, तराई क्षेत्र और कुछ अन्य इलाकों में तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना भी है, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
