हाईकोर्ट परिसर में घुसकर अधिवक्ता के चैम्बर से क्लाइंट उठाने की कोशिश, पुलिसकर्मी सस्पेंड
लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर अधिवक्ता के चैम्बर से एक मुवक्किल को जबरन उठाने की कोशिश करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। विभूतिखंड थाने में दो दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एक पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है।
लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर एक अधिवक्ता के चैम्बर से उनके मुवक्किल को जबरन उठाने की कोशिश करने के गंभीर आरोप में एक पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया गया है। मामले को न्यायिक परिसर की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर कृत्य मानते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को संबंधित पुलिस कर्मी ने थाना व कोर्ट प्रशासन से पूर्व अनुमति लिए बिना हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश किया और थाना काकोरी में दर्ज मुकदमा की विवेचना के दौरान एक अभियुक्त को अधिवक्ता के चैम्बर से हिरासत में लेने का प्रयास किया। इस घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया और मौके पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विभागीय जांच के आदेश
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर प्रकृति के हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस अधीनस्थ अधिकारी (दंड एवं अपील) नियमावली-1991 के तहत संबंधित कर्मी के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। जांच पूरी होने तक पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
तीन दिन में पक्ष रखने का अवसर
निलंबित पुलिसकर्मी को नियमानुसार अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिवस का समय दिया गया है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
पहले से दर्ज हुई FIR
बताया जा रहा है कि इस मामले में बीते दिन विभूतिखंड थाने में दो दरोगा समेत एक सिपाही के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा और मर्यादा से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा पर सख्ती
घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
