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UP के 54 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा लर्निंग कॉर्नर का कायाकल्प, 27.05 करोड़ रुपये होंगे खर्च
 

 
 UP के 54 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा लर्निंग कॉर्नर का कायाकल्प, 27.05 करोड़ रुपये होंगे खर्च
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 54,109 आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए बने लर्निंग कॉर्नर को नए सिरे से समृद्ध किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक संबंधित विद्यालय को 5,000 रुपये की दर से कुल 27.05 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में एसएनए-स्पर्श पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।

लर्निंग कॉर्नर में बच्चों की उम्र और जरूरत के अनुसार विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें चित्र एवं कहानी की किताबें, स्लेट, इंटरएक्टिव बुकमार्क, साक्षरता संबंधी पोस्टर, हिंदी-अंग्रेजी अक्षर सेट, रंगीन कागज और क्रेयॉन शामिल होंगे।

आर्ट कॉर्नर में भी बच्चों के लिए सामग्री

बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए आर्ट कॉर्नर भी तैयार किया जाएगा। इसमें फल-सब्जियों और जानवरों के प्लास्टिक मोल्ड, क्ले, सफेद कपड़ा और आर्ट शीट जैसी सामग्री रखी जाएगी।

वहीं ब्लॉक कॉर्नर में विभिन्न आकार और रंगों के ब्लॉक, चित्र पहेली, संख्या सेट और खिलौना औजार उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा।

परफॉर्मेंस कॉर्नर में ड्रेस-अप से लेकर भारतीय मुद्रा किट तक

परफॉर्मेंस कॉर्नर में बच्चों के लिए ड्रेस-अप कपड़े, कठपुतलियां, किचन सेट, डॉक्टर सेट, सब्जी सेट और भारतीय मुद्रा किट उपलब्ध कराई जाएगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में कल्पनाशीलता, संवाद कौशल और सामाजिक व्यवहार को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

स्टॉक रजिस्टर में दर्ज होगी खरीदी गई सामग्री

निर्धारित सामग्री की न्यूनतम संख्या तय की गई है, जिसे बजट उपलब्ध होने पर आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। प्रधानाध्यापक खरीदी गई सभी सामग्री को स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करेंगे और इसके बाद उसे आंगनबाड़ी कार्यकत्री या ईसीसीई एजुकेटर को उपलब्ध कराया जाएगा।

लर्निंग कॉर्नर के संचालन की जिम्मेदारी नोडल शिक्षक, ईसीसीई एजुकेटर और आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिलकर संभालेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को खेल, कला और गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए बेहतर और अधिक आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है।