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UP में शिक्षा का नया मॉडल, सरकारी स्कूलों में अब डीप टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की पढ़ाई
 

 
 UP में शिक्षा का नया मॉडल, सरकारी स्कूलों में अब डीप टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की पढ़ाई
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लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ अभियान की शुरुआत की है, जिसके जरिए पहली बार गांव और कस्बों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को डीप टेक्नोलॉजी, रिसर्च, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने की पहल की गई है। सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान तक आधुनिक शिक्षा और तकनीकी समझ पहुंचाना है।

मई 2026 से शुरू होगा अभियान

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत मई 2026 से प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम चलाया जाएगा। अभियान के तहत शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्कूलों में संगोष्ठी, टेक्नोलॉजी आधारित विशेष कक्षाएं, नवाचार क्विज और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।

नवाचार क्विज और निबंध प्रतियोगिता से निखरेगी प्रतिभा

कार्यक्रम के अंतर्गत ‘विकसित भारत के नवाचार परिदृश्य’ विषय पर संगोष्ठियां आयोजित होंगी, जबकि ‘डीप टेक्नोलॉजी’ विषय पर विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके साथ ही ‘भारत क्विज- भारत के नवाचार को कौन जानता है?’ प्रतियोगिता और निबंध लेखन जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों की प्रतिभा को मंच मिलेगा। इन आयोजनों का मकसद बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और तकनीक के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होगी नई पीढ़ी

योगी सरकार की रणनीति सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वैश्विक तकनीकी बदलावों और इनोवेशन से जोड़ने की है। इसी कारण प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर रिसर्च और इनोवेशन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक से जोड़ने से वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।

NGOs और तकनीकी विशेषज्ञों का भी मिलेगा सहयोग

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा। शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी गतिविधियां व्यावहारिक और सहभागितापूर्ण हों ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें रुचि लेकर भाग लें। कार्यक्रम के तहत स्कूलों में होने वाली गतिविधियों की फोटो, वीडियो और बच्चों के नवाचारों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे अभियानों के जरिए प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब ‘भारत इनोवेट्स 2026’ अभियान को उसी विजन का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है, जो सरकारी स्कूलों के बच्चों को भविष्य की तकनीक और वैश्विक नवाचार संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगा।