नोएडा हादसे पर CM योगी सख्त: 3 सदस्यीय SIT गठित, 5 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
नोएडा हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित की गई है। 5 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही प्रदेशभर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे का गंभीर संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। गुरुग्राम में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की नाले में गिरकर हुई मौत के मामले में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
इस SIT का नेतृत्व ADG जोन मेरठ करेंगे, जबकि मंडलायुक्त मेरठ और मुख्य अभियंता (PWD) को भी जांच समिति में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार यह टीम 5 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
प्रदेशभर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की होगी पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं हो सकती हैं, और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगे से इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो — इसे पूरे उत्तर प्रदेश में सुनिश्चित किया जाए।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे हुआ। युवराज मेहता गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। वह नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा सोसाइटी की ओर जा रहे थे, तभी उनकी कार अचानक पानी से भरे गहरे नाले में गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत युवराज मेहता के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
