यूपी में बदला आरटीई नियम: अब घर के मोहल्ले या गांव के स्कूल में मिलेगा दाखिला, आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं
वाराणसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया में इस सत्र से दो महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब 1 किलोमीटर की परिधि में विद्यालय चयन की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। बच्चे के घर के गांव या मोहल्ले में स्थित निजी स्कूल में ही प्रवेश मिलेगा, जिससे प्रतिष्ठित स्कूलों में आवेदनों की होड़ कम होगी और प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व सुगम बनेगी।
इसके अलावा, बच्चों के आधार कार्ड की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। अब केवल अभिभावकों (माता-पिता) का आधार कार्ड ही आवेदन के लिए मान्य होगा। ये बदलाव छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं, क्योंकि पहले आधार से जुड़ी जटिलताओं के कारण कई पात्र बच्चे लाभ से वंचित रह जाते थे।
वाराणसी जिले में इस सत्र में आरटीई के तहत कुल 10,186 सीटें उपलब्ध हैं। जिले में 1582 निजी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से 50 से अधिक बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई कोटे के अंतर्गत निशुल्क प्रवेश के लिए आरक्षित रहती हैं।
पुराने नियम में 1 किमी की परिधि के कारण कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों में आवेदनों की संख्या बहुत अधिक हो जाती थी, जबकि अन्य में कम। नए क्षेत्रवार आवेदन व्यवस्था से यह असंतुलन दूर होगा और अधिक से अधिक बच्चों को आसानी से प्रवेश मिल सकेगा। आवेदनों की संख्या भी प्रत्येक स्कूल में सीमित रहेगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीई के तहत इस सत्र में प्रवेश के लिए पोर्टल जनवरी के अंत तक खुलने की उम्मीद है। पोर्टल में अपडेट के कारण थोड़ा विलंब हो रहा है। किए गए ये दो बड़े बदलाव छात्रों के प्रवेश में सुविधा बढ़ाएंगे और योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
