नोएडा हिंसा पर सख्त एक्शन: 300 गिरफ्तार, 7 FIR दर्ज; व्हाट्सएप ग्रुप्स जांच के दायरे में
नोएडा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सोमवार को सड़कों पर उतरे श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उपद्रव करते हुए श्रमिकों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही, पूरे घटनाक्रम में वॉट्सएप ग्रुप्स की भी जांच की जा रही है।
प्रदर्शन की चिंगारी शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित मिंडा फैक्ट्री के बाहर भड़की, जहां प्रदर्शन के दौरान एक महिला कामगार को गोली लगने से वह घायल हो गई थी। इसके बाद से ही श्रमिक लामबंद होने लगे थे। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रमिक डंडे और पत्थर लेकर सड़कों पर उतर आए और फेज-1, फेज-2 व फेज-3 औद्योगिक क्षेत्रों में भारी उत्पात मचाया।
उपद्रवियों ने 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की और 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया गया। सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स सर्विस सेंटर में घुसकर 35 से ज्यादा गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और छह वाहनों में आग लगा दी गई। इसके अलावा मारुति, नेक्सा, एयरटेल समेत कई प्रतिष्ठानों में भी जमकर नुकसान किया गया।
प्रदर्शन के दौरान एनएच-9 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया, जिससे सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक करीब 9 घंटे तक पूरा नोएडा प्रभावित रहा। दिल्ली और गाजियाबाद आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस हिंसक प्रदर्शन में 10 पुलिसकर्मियों समेत करीब 30 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को मिलाकर करीब 3000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने इलाके में भारी पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षाबलों की तैनाती की है। डीएम मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
वहीं, नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का निर्णय लिया है।
श्रमिकों की प्रमुख मांगें:
- अकुशल श्रमिकों को 12,000 रुपये और कुशल श्रमिकों को 20,000 रुपये वेतन
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- हर महीने की 10 तारीख तक वेतन
- सप्ताह में एक दिन अवकाश
- नवंबर तक बोनस का भुगतान
- सुरक्षित कार्य वातावरण
उधर, प्रशासन पर समय रहते स्थिति का आकलन न करने के आरोप भी लग रहे हैं। श्रमिकों ने पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन समय पर संवाद न होने के कारण स्थिति बेकाबू हो गई।
पलवल, फरीदाबाद और भिवाड़ी में भी श्रमिकों के प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है।
