निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को बरेली बाहर भेजा गया, समर्थकों ने किया विरोध
बरेली: निलंबित पीसीएस अधिकारी और पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को बुधवार दोपहर करीब 2:18 बजे निजी वाहन से भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बरेली से बाहर ले जाया गया। इस दौरान उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया। समर्थकों ने उन्हें शहर से बाहर जाने से रोकने के लिए भरपूर प्रयास किए और पुलिस के साथ धक्कामुक्की की नौबत आ गई।
एक इंस्पेक्टर धक्कामुक्की में जमीन पर गिर गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद समर्थकों को गाड़ी के रास्ते से हटाया और अलंकार अग्निहोत्री को सफलतापूर्वक बरेली की सीमा से बाहर भेज दिया। इसके बाद उनके समर्थकों ने रामपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी।
इससे पहले बुधवार सुबह अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास से निकलकर गेट पर आए और मीडिया से बातचीत में खुद को हाउस अरेस्ट होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें आवास के अंदर ही रहने का निर्देश दिया है और वह कानून का पालन करते हुए आवास में रुके हुए हैं। अलंकार ने आरोप लगाया कि उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है और आवास पर अनावश्यक सीसी कैमरे लगाकर उनकी निजता का हनन किया जा रहा है।
आवास के चारों ओर पुलिस का कड़ा पहरा था। एडीएम सिटी सौरभ दुबे, प्रभारी रामजनम यादव, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार और सीओ पंकज श्रीवास्तव सुबह से ही मौजूद रहे।
एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अलंकार अग्निहोत्री को *हाउस अरेस्ट* नहीं किया गया है। वे अभी सरकारी सेवा में हैं और लोकसेवक के रूप में सुरक्षा प्रोटोकॉल के दायरे में आते हैं। आवास एक आवासीय कॉलोनी में है जहां अन्य अधिकारी भी परिवार के साथ रहते हैं, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर बाहरी लोगों को सीमित प्रवेश की अनुमति दी जाती है। हाउस अरेस्ट का आरोप पूरी तरह निराधार है।
अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। गणतंत्र दिवस पर कलक्ट्रेट में झंडा फहराने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा की थी। इस्तीफे के बाद वे यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर केंद्र व राज्य सरकार की आलोचना करने लगे थे। देर शाम वे डीएम आवास गए थे, जहां से बाहर निकलने पर उन्होंने 45 मिनट तक बंधक बनाए रखे जाने का आरोप लगाया था, जिसे डीएम ने खारिज कर दिया।
देर रात उन्हें निलंबित कर दिया गया और शामली के कलेक्टर ऑफिस से अटैच किया गया। मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है।
मंगलवार रात अलंकार अग्निहोत्री ने व्हाट्सएप स्टेट्स पर लिखा था कि वे एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हैं। मोबाइल फोन ही बातचीत का एकमात्र माध्यम है। अगर संपर्क न हो तो हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करें और प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री, हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को सूचित करें। उन्होंने मोबाइल जैमर लगाए जाने का भी दावा किया था।
