घर में मचा था मातम, अंतिम संस्कार की तैयारी थी शुरू... तभी उठ बैठा बुजुर्ग, परिजन रह गए दंग
बलिया। जिले के शिवपुर दियर नम्बरी में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 70 वर्षीय विश्वनाथ पाल अपने बिस्तर पर बेसुध मिले। परिजनों ने काफी देर तक उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिवार ने उन्हें मृत समझ लिया और दाह संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
विश्वनाथ पाल के छोटे बेटे विजय शंकर पाल ने बताया कि सुबह उन्होंने पिता को जगाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठे। काफी कोशिश के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो परिजन घबरा गए। कुछ ही देर में घर में चीख-पुकार और रोना-बिलखना शुरू हो गया।
अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच अचानक उठकर बैठे
परिजन विश्वनाथ पाल को मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे ही थे कि अचानक वह उठकर बैठ गए। उन्हें जीवित देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। कुछ देर पहले तक जिस घर में मातम का माहौल था, वहां अचानक खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो बड़ी संख्या में लोग विश्वनाथ का हाल जानने के लिए उनके घर पहुंचने लगे।
जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
इसके बाद परिजन विश्वनाथ पाल को तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल वार्ड में भर्ती कर लिया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। उनकी देखभाल के लिए बड़े बेटे दयाशंकर पाल अस्पताल में मौजूद हैं।
दयाशंकर पाल ने बताया कि पिता के दोबारा उठकर बैठने से पूरे परिवार को बड़ी राहत मिली है। कुछ समय पहले तक परिवार उन्हें खोने के सदमे में था, लेकिन अचानक उनके उठ बैठने से पूरा माहौल बदल गया। उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा बताया।
डॉक्टर ने दी सिटी स्कैन की सलाह
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. नीरज ने बताया कि विश्वनाथ पाल बेहोशी की हालत में थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति की जांच के लिए सिटी स्कैन कराने की सलाह दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
