Movie prime

यूपी बोर्ड की Exam Copy में इमोशनल ड्रामा! सर पास कर दीजिए, वरना तिलक कम चढ़ेगा... नंबर बढ़वाने की स्ट्रेटेजी फेल

यूपी बोर्ड की कॉपियों की जांच के दौरान छात्रों की इमोशनल अपील सामने आई है। किसी ने शादी टूटने का डर जताया तो किसी ने बीमारी और गरीबी का हवाला देकर पास करने की गुहार लगाई। हालांकि शिक्षक स्पष्ट कर रहे हैं कि नंबर केवल लिखे गए उत्तरों के आधार पर ही दिए जाएंगे।

 
Exam Copy में इमोशनल ड्रामा
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान इस बार कुछ हैरान करने वाले और भावुक कर देने वाले मामले सामने आए हैं। इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं में कई छात्र-छात्राओं ने पास कराने के लिए परीक्षकों से इमोशनल अपील लिखी है, जो अब चर्चा का विषय बन गई हैं।

मूल्यांकन केंद्रों पर जांच के दौरान छात्रों ने अपनी कॉपियों में निजी जीवन की परेशानियां, शादी की चिंता और आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए परीक्षकों से पास करने की गुहार लगाई है।

एक छात्र ने अपनी कॉपी में लिखा, “सर, मैं जानता हूं कि आप मेरी कॉपी देखकर संतुष्ट नहीं होंगे, लेकिन मेरी शादी तय हो गई है। अगर फेल हो गया तो तिलक कम चढ़ेगा, कृपया पास कर दीजिए।

वहीं एक छात्रा ने लिखा, “सर नमस्ते, मैं चार बहनों में तीसरे नंबर पर हूं। 13 मई को मेरी शादी है। अगर मैं फेल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी। कृपया मुझे पास कर दें, मैं बहुत परेशान हूं।

कुछ छात्रों ने अपनी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया। एक छात्र ने लिखा कि उसके पिता की बीमारी के कारण वह पढ़ाई नहीं कर सका और अस्पताल से सीधे परीक्षा देने पहुंचता था। उसने यहां तक लिखा कि वह 2000 रुपये देने की सोच रहा था, लेकिन कक्ष में सख्त निगरानी और CCTV के कारण ऐसा नहीं कर सका।

कॉपियों में नहीं मिल रहे नोट, सख्ती का असर

इस बार मूल्यांकन के दौरान कॉपियों में पैसे मिलने की घटनाएं कम देखने को मिल रही हैं। दरअसल, परीक्षा से पहले बोर्ड सचिव Bhagwati Singh ने सख्त निर्देश जारी किए थे कि यदि किसी कॉपी में धनराशि मिलती है तो संबंधित कक्ष निरीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही निर्देश दिया गया था कि यदि कॉपियों में पैसे मिलते हैं तो उन्हें तुरंत कोषागार में जमा कर डीआईओएस को सूचित किया जाए और संबंधित परीक्षा केंद्र की जांच की जाए।

इमोशनल अपील से नहीं मिलते नंबर

मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों का कहना है कि छात्र-छात्राएं भले ही कॉपियों में भावुक बातें लिख रहे हों, लेकिन नंबर केवल उत्तरों के आधार पर ही दिए जाते हैं। शिक्षक संजय मिश्रा के अनुसार, “इमोशनल लाइनों का मूल्यांकन पर कोई असर नहीं पड़ता, जितना सही उत्तर लिखा होता है, उसी के अनुसार अंक दिए जाते हैं।”

तेजी से हो रहा मूल्यांकन कार्य

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च की शाम तक प्रदेशभर में कुल 32,53,505 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा किया जा चुका है। इसमें हाईस्कूल की 19,62,275 और इंटरमीडिएट की 12,91,248 कॉपियां शामिल हैं। इस वर्ष कुल करीब 2.60 करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है, जिसके लिए राज्यभर में कई मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।