Movie prime

UP बोर्ड की सख्ती: कॉपी में रुपये मिले तो छात्र ही नहीं, कक्ष निरीक्षक पर भी होगी कार्रवाई
 

 
 UP बोर्ड की सख्ती: कॉपी में रुपये मिले तो छात्र ही नहीं, कक्ष निरीक्षक पर भी होगी कार्रवाई
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ कहा है कि यदि किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका में रुपये या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलती है तो संबंधित छात्र के साथ-साथ परीक्षा कक्ष में तैनात कक्ष निरीक्षक (शिक्षक) के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है मामला?

पिछले वर्षों में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ छात्र परीक्षा के दौरान अपनी कॉपी में रुपये रख देते थे। उनका उद्देश्य अधिक अंक पाने के लिए शिक्षक को प्रभावित करना होता था। कुछ छात्र कॉपी में भावनात्मक संदेश भी लिखते थे, जैसे—“गुरुजी मेरी शादी होने वाली है, ये रुपये मिठाई के लिए हैं, मुझे पास कर दीजिए।”

बोर्ड ने इस प्रवृत्ति को अनुचित साधन और परीक्षा की निष्पक्षता पर हमला माना है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतें परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।

सचिव ने दिए सख्त निर्देश

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को पहले ही छात्रों को स्पष्ट चेतावनी देनी होगी कि वे उत्तर पुस्तिका में रुपये, चिट या कोई अन्य सामग्री न रखें।

परीक्षा के दौरान कॉपियों की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसी उत्तर पुस्तिका में आपत्तिजनक सामग्री मिलती है तो तत्काल रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा।

कॉपी में रुपये मिले तो क्या होगा?

बोर्ड के अनुसार, यदि कॉपी जांच के दौरान रुपये मिलते हैं तो उन्हें तुरंत सरकारी राजकोष (ट्रेजरी) में जमा कराया जाएगा। मामले की सूचना डीआईओएस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।

ऐसे कृत्य को उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत नकल माना जाएगा। दोषी छात्र की परीक्षा रद्द की जा सकती है, जुर्माना लगाया जा सकता है या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षकों पर भी गिरेगी गाज

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्ष निरीक्षकों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कॉपी में रुपये मिलते हैं तो इसे ड्यूटी में चूक माना जाएगा। संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

यूपी बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सख्ती जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल मिल सके।