UP Budget 2026: स्कूटी योजना से नई टाउनशिप तक, 9 वर्षों में कितना बढ़ा प्रदेश का बजट?
लखनऊ I उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी और कुल मिलाकर 10वां बजट विधानसभा में पेश किया। सुबह 11 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी छवि बदलने का प्रयास किया है और यह बजट उसी परिवर्तनकारी सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 9 साल में प्रदेश का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह बजट “सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम” की थीम पर आधारित है। उन्होंने इसे 9 वर्षों के नव निर्माण की नई गाथा बताते हुए कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट पेश करने का अवसर मिला है।
नई योजनाओं और पूंजीगत व्यय पर जोर
बजट में 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की राशि केवल नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। वहीं, 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान पूंजीगत व्यय के लिए किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
महिलाओं और छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास बनाने और सभी विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने की घोषणा की है। मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की भी योजना है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है।
शहरी विकास और नई टाउनशिप
नई टाउनशिप के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आवास एवं शहरी नियोजन के लिए 7,705 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत मेरठ में 35 वर्षों बाद, आगरा में 33 वर्षों बाद और लखनऊ में 22 वर्षों बाद नई आवासीय योजनाएं लॉन्च की गई हैं। बुलंदशहर में पहली बार औद्योगिक योजना शुरू की गई है।
ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सौगात
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में पारेषण तंत्र की क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट से बढ़कर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट हो गई है, जो 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए सीवरेज की 74 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 41 पूरी होकर संचालित हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं।
सड़कों और फ्लाईओवर का विस्तार
सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा, सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
