यूपी में 1,725 करोड़ से बनेगा स्किल्ड मैनपावर हब, 75 जिलों में कौशल प्रशिक्षण का नेटवर्क, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में 1,725 करोड़ रुपये की कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 75 जिलों को नौ जोन में जोड़कर युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। कैबिनेट ने भदोही का नाम संत रविदासनगर भदोही करने को भी मंजूरी दी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। कैबिनेट ने सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत तीन वर्षों में 1,725 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ जोन में बांटकर कौशल प्रशिक्षण व रोजगार का एकीकृत तंत्र विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदासनगर भदोही’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
तीन साल में खर्च होंगे 1,725 करोड़ रुपये
सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को कुशल कामगारों की उपलब्धता के मामले में देश और दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। सरकार इसके जरिए प्रदेश को ‘अल्टीमेट सोर्सिंग हब ऑफ स्किल्ड मैनपावर’ और ‘ग्लोबल मैनपावर हब’ के रूप में विकसित करना चाहती है।
योजना के तहत युवाओं को उद्योगों की मांग और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कंपनियों को जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
75 जिलों को नौ जोन में बांटकर बनेगा प्रशिक्षण नेटवर्क
योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ जोन में विभाजित किया जाएगा। हर जोन में औद्योगिक गतिविधियों, स्थानीय बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस व्यवस्था के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में जरूरी कौशल की पहचान की जाएगी। इसके बाद उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर रहेगा। योजना में तकनीकी कौशल को उन्नत करने के साथ विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी शामिल है।
पहले चरण में चार जगह स्थापित होंगे केंद्र
योजना के पहले चरण में कानपुर, गोरखपुर, गौतमबुद्ध नगर और झांसी में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
कानपुर: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर केंद्र स्थापित किया जाएगा।
गोरखपुर: गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के माध्यम से केंद्र बनेगा।
गौतमबुद्ध नगर: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के संयुक्त सहयोग से केंद्र स्थापित होगा।
झांसी: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के माध्यम से केंद्र बनाया जाएगा।
इन केंद्रों के लिए 10 से 25 एकड़ तक जमीन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, नजदीकी राजमार्ग या एक्सप्रेसवे से दो वर्ष के भीतर चार लेन की सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
योजना में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि वाले युवाओं के तकनीकी कौशल को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि युवाओं को रोजगार पाने में मदद मिल सके।
उत्तर प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई उद्यम हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोग कार्यरत बताए गए हैं। ऐसे में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना योजना का अहम हिस्सा है।
जानिए, यूपी के नौ जोन में कौन-कौन से जिले शामिल होंगे
योजना के तहत प्रदेश को नौ जोन में बांटने का प्रस्ताव है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन जोन में निम्न क्षेत्र शामिल होंगे:
गौतमबुद्ध नगर जोन: गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़ तथा सहारनपुर मंडल के साथ बुलंदशहर, बागपत और मेरठ का क्षेत्र।
मुरादाबाद-बरेली जोन: मुरादाबाद और बरेली मंडल।
आगरा-अलीगढ़ जोन: आगरा और अलीगढ़ मंडल।
लखनऊ-अयोध्या जोन: लखनऊ और अयोध्या मंडल।
कानपुर-प्रयागराज जोन: कानपुर और प्रयागराज मंडल।
बुंदेलखंड-विंध्याचल जोन: चित्रकूट, विंध्याचल और झांसी मंडल।
वाराणसी-आजमगढ़ जोन: वाराणसी और आजमगढ़ मंडल।
गोरखपुर क्षेत्र: गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल।
युवाओं के रोजगार पर योजना का फोकस
कौशल प्रशिक्षण योजना के जरिए सरकार उद्योगों की मांग और युवाओं की योग्यता के बीच की दूरी कम करना चाहती है। नौ जोन में प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क, तकनीकी कौशल उन्नयन और विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग इसके प्रमुख हिस्से हैं। वहीं, भदोही का नाम बदलने का फैसला कैबिनेट के अलग निर्णय के रूप में सामने आया है।
