UP Election 2027: महिलाओं के खाते में आएगा सीधा पैसा, योगी सरकार तैयार कर रही बड़ा प्लान
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं के लिए बड़ी योजनाओं की तैयारी कर रही है। महिलाओं के खातों में सीधे आर्थिक सहायता, पेंशन बढ़ोतरी, कन्या सुमंगला योजना का विस्तार और लखपति दीदी मिशन जैसे कई विकल्पों पर मंथन चल रहा है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में योगी सरकार महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर कई बड़े फैसलों पर विचार कर रही है। सरकार महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने, मौजूदा योजनाओं की लाभ राशि बढ़ाने और नई महिला केंद्रित योजनाएं शुरू करने जैसे विकल्पों पर गंभीरता से मंथन कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाना है, साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना भी है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले महिलाओं के लिए बड़े स्तर पर नई घोषणाएं की जा सकती हैं।
महिलाओं के खाते में सीधे सहायता राशि भेजने पर विचार
सरकार के सामने सबसे प्रमुख विकल्प महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता राशि भेजने का है। इसके लिए हाल ही में घोषित महिला उद्यमी क्रेडिट योजना को आधार बनाया जा सकता है।
इसके अलावा सरकार पहले से संचालित योजनाओं की सहायता राशि बढ़ाने और उनके लाभार्थियों का दायरा विस्तारित करने पर भी विचार कर रही है। एक अन्य विकल्प पूरी तरह नई महिला केंद्रित योजना शुरू करने का है, जो व्यापक स्तर पर महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुंचा सके।
हालांकि अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार वित्तीय बोझ, संभावित लाभार्थियों की संख्या और योजना के सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव का विस्तृत आकलन कर रही है।
पेंशन राशि बढ़ाने की तैयारी
सरकार महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अनुपूरक बजट के जरिए वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और निराश्रित महिला पेंशन को बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की तैयारी चल रही है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में इन योजनाओं के तहत केवल 300 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जाती थी। ऐसे में सरकार इसे सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में प्रस्तुत कर सकती है।
कन्या सुमंगला योजना का दायरा भी बढ़ सकता है
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत वर्तमान में तीन लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक छह चरणों में अधिकतम 25 हजार रुपये की सहायता मिलती है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस योजना की सहायता राशि और पात्रता सीमा दोनों बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पहले ही हो चुका बड़ा बदलाव
महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है। इसी वर्ष मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी बड़े स्तर पर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही सरकार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटर उपलब्ध कराने की तैयारी भी कर रही है।
छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता, चुनावी समीकरणों पर नजर
उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की वापसी में महिला मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। सरकार की कोशिश यह संदेश देने की है कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण और प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
