लखनऊ में बनेगा साइबर क्राइम मुख्यालय, हर विभाग में होंगे साइबर नोडल अधिकारी
लखनऊ: ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब साइबर अपराध से निपटने की जिम्मेदारी केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश का पूरा प्रशासनिक तंत्र इसमें भागीदारी करेगा। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों में एक-एक साइबर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लखनऊ में साइबर अपराध मुख्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
हर विभाग में बनेगा साइबर सुरक्षा का तंत्र
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि साइबर अपराध आज केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि शासन और समाज दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में सभी विभागों को साइबर सुरक्षा से जोड़ने का फैसला लिया गया है। प्रत्येक विभाग में नियुक्त होने वाला साइबर नोडल अधिकारी साइबर अपराध मुख्यालय के साथ समन्वय स्थापित करेगा और विभागीय स्तर पर साइबर जागरूकता से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने का काम करेगा।
लखनऊ में बनेगा साइबर अपराध मुख्यालय
बैठक में लखनऊ में अत्याधुनिक साइबर अपराध मुख्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही राज्य साइबर समन्वय केंद्र (State Cyber Coordination Centre) की अधिसूचना जल्द जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, बेहतर निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है।
ई-जीरो एफआईआर प्रणाली होगी लागू
उत्तर प्रदेश में जल्द ही ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद साइबर अपराध का शिकार व्यक्ति किसी भी स्थान से तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेगा और तत्काल कार्रवाई शुरू हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।
'ऑपरेशन साइबर वज' को मिलेगा और बल
बैठक में प्रदेशव्यापी खुफिया आधारित अभियान 'ऑपरेशन साइबर वज' की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस अभियान को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को समय रहते चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी पर जागरूकता अभियान
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि साइबर अपराध के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, बैंक फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी विभागों को अपने स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
देश में नंबर वन साइबर सुरक्षा मॉडल बनाने की तैयारी
बैठक में प्रधानमंत्री की 'प्रगति' समीक्षा के अंतर्गत साइबर अपराध से जुड़े नौ प्राथमिकता बिंदुओं पर प्रदेश की प्रगति का आकलन किया गया। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
