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वाराणसी मंडल से UP पुलिस को मिलेंगे 3070 नए पुलिसकर्मी, आज होगी पासिंग आउट परेड

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की पासिंग आउट परेड में वाराणसी मंडल से 3070 प्रशिक्षु आरक्षी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से संबोधित करेंगे। 491 महिला आरक्षी भी सेवा के लिए तैयार हैं। प्रशिक्षण पूरा कर चुके जवान अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था संभालेंगे।

 
UP पुलिस
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वाराणसी: वाराणसी मंडल में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की पासिंग आउट परेड रविवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 3070 प्रशिक्षु आरक्षी औपचारिक रूप से पुलिस बल का हिस्सा बनेंगे। यह आयोजन प्रदेशभर के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ होगा और नए जवानों के लिए यह सेवा की शुरुआत का महत्वपूर्ण क्षण होगा।

CM योगी का संबोधन, सभी केंद्रों पर लाइव प्रसारण

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से सुबह 8:30 बजे परेड को संबोधित करेंगे। उनका यह संबोधन सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर सजीव प्रसारण के माध्यम से दिखाया जाएगा, जिससे हर प्रशिक्षु इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन सके।

वाराणसी में 491 महिला आरक्षियों की खास भागीदारी

वाराणसी स्थित रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में इस बार विशेष रूप से महिला आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया गया है। यहां से 491 महिला प्रशिक्षु पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी, जो आगे चलकर विभिन्न थानों में तैनात होकर महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनसेवा में अहम भूमिका निभाएंगी।

कई जिलों और पीएसी यूनिट से निकले प्रशिक्षु

वाराणसी मंडल के अलावा जौनपुर और गाजीपुर के प्रशिक्षण केंद्रों से भी बड़ी संख्या में आरक्षी इस परेड का हिस्सा बनेंगे।

इसके साथ ही 36वीं वाहिनी पीएसी रामनगर और 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर से प्रशिक्षण प्राप्त जवान भी नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार हैं। इन सभी जवानों को आधुनिक पुलिसिंग के साथ-साथ संवेदनशीलता और जनसेवा के मूल्यों पर आधारित प्रशिक्षण दिया गया है।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा सम्मान

परेड के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्हें पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर उनके प्रयासों को सराहा जाएगा, जिससे अन्य जवानों को भी प्रेरणा मिलेगी।

मिशन शक्ति को मिलेगा बल

इस बार बड़ी संख्या में महिला आरक्षियों की तैनाती से प्रदेश में चल रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह एक अहम कदम माना जा रहा है।