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UP: सरकारी स्कूलों में शुरू होगी हुनर की क्लास, 36 हजार छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
 

 
 UP: सरकारी स्कूलों में शुरू होगी हुनर की क्लास, 36 हजार छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से "प्रोजेक्ट प्रवीण" के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम को गति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने जिलों और प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में दक्ष बनाया जा रहा है। इसके तहत आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनकी वर्तमान समय में रोजगार बाजार में काफी मांग है।

सरकार ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थियों की सीमा निर्धारित की है, ताकि छात्र-छात्राओं को बेहतर व्यावहारिक एवं प्रयोगात्मक ज्ञान मिल सके। इस वर्ष प्रदेशभर में कुल 36,103 विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह प्रशिक्षण आगरा, बरेली, आजमगढ़, वाराणसी, ललितपुर, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र समेत कई जिलों के राजकीय विद्यालयों में संचालित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे केंद्र स्थापना, पंजीकरण और बैच गठन की प्रक्रिया पूरी कर 15 जुलाई 2026 तक हर हाल में कक्षाओं का संचालन शुरू करें। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बैच शुरू होने के सात कार्य दिवसों के भीतर सभी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित कर उसकी तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। मिशन निदेशक ने चेतावनी दी है कि समय पर कार्य शुरू न करने या शिकायत मिलने की स्थिति में संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।