UP : लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पहले दिन 84 कोचिंग संस्थान सील, कई को नोटिस जारी
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक अवैध व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में असुरक्षित और मानकों के विपरीत संचालित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के पहले ही दिन 84 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया, जबकि कई अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
सरकार ने विशेष रूप से कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, भवन मानकों और वैध संचालन की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कई बड़े और चर्चित संस्थानों में भी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
एलन और खान सर कोचिंग पर भी कार्रवाई
जांच अभियान के दौरान कई नामी कोचिंग संस्थान भी कार्रवाई की जद में आए हैं। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की टीम ने 48 इमारतों को सील किया, जिनमें एलन कोचिंग का भवन भी शामिल है।
वहीं प्रयागराज में विकास प्राधिकरण ने करीब 40 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। यहां फैसल खान (खान सर) द्वारा संचालित खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान, खान आईएएस कोचिंग और पितृ छाया कोचिंग को सील कर दिया गया।
सभी जिलों में सर्वे के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के दौरान यह जांच की जाएगी कि कौन से संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं और कौन बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं।
शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण होना पर्याप्त नहीं होगा। पंजीकृत संस्थानों में भी भवन की मजबूती, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकास, स्वच्छता और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
कई जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
प्रदेश के विभिन्न जिलों में जांच अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
- मुजफ्फरनगर में 10 कोचिंग सेंटर सील किए गए, जबकि 7 को नोटिस जारी किया गया।
- सहारनपुर में 6 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया।
- बुलंदशहर में 11 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें खामियां मिलने पर 10 को नोटिस जारी किए गए।
- मेरठ में 25 कोचिंग सेंटरों की जांच की गई, हालांकि अभी वहां सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई है।
- बिजनौर, बागपत और शामली में भी अधिकारियों ने कोचिंग सेंटरों और अन्य व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया।
छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का मानना है कि लखनऊ अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में सुरक्षा और वैधता की जांच का यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक अवैध इमारत में लगी भीषण आग में 15 युवाओं की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में भवन में फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई थी। इसके बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की समीक्षा और कार्रवाई का फैसला लिया है।
