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UP की डिजिटल उड़ान: CM योगी बोले- मोबाइल से माइक्रोचिप तक पहुंचा प्रदेश, 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
 

 
 UP की डिजिटल उड़ान: CM योगी बोले- मोबाइल से माइक्रोचिप तक पहुंचा प्रदेश, 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद हुए औद्योगिक और तकनीकी बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की। उन्होंने दावा किया कि बीते साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि जब किसी सरकार की चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशकों से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण तैयार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को धरातल पर उतरने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में परिवारवाद को विकास, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण का मॉडल बना दिया गया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं का पूरा उपयोग नहीं किया गया और प्रदेश लंबे समय तक 'बीमारू' राज्य की छवि से जूझता रहा।

मोबाइल से माइक्रोचिप तक पहुंची यूपी की यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को उत्तर प्रदेश सरकार ने नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारने का काम किया है।

उन्होंने बताया कि आज देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की एचसीएल-फॉक्सकॉन चिप इकाई स्थापित की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न मौजूद हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की “मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप” तक की यात्रा बताया।

'परिवार नहीं, प्रदेश का विकास हमारी प्राथमिकता'

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं बदली हैं। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशकों की सुरक्षा और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के विस्तार से डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से लेकर एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'एआई-प्रज्ञा' के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का प्रयास युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई डिजिटल तकनीकों के लिए तैयार कर रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है।